पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन मनाते हुए (सोर्स- फोटो नवभारत)
वाराणसी

PM मोदी के जन्मदिन पर दालमंडी में ‘ब्लैक सेलिब्रेशन’, काले गुब्बारे और ब्लैक केक से चौड़ीकरण का किया विरोध

Dalmandi Widening Protest: वाराणसी के दालमंडी में पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लोगों ने काले गुब्बारे उड़ाकर और ब्लैक केक काटकर दालमंडी चौड़ीकरण और स्थानीय समस्याओं के विरोध में प्रदर्शन किया।

धर्मेंद्र कुमार चौबे, स्निग्धा श्रीवास्तव

Protest Against Dalmandi Widening Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को वाराणसी में जहां जगह-जगह उत्सव, सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं दालमंडी इलाके में कुछ लोगों ने अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराया। यहां लोगों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन को ‘ब्लैक सेलिब्रेशन’ के रूप में मनाते हुए काले गुब्बारे उड़ाए, काली पगड़ी बांधी और काले कपड़े पहनकर ब्लैक केक काटा। इस दौरान ‘हैप्पी बर्थडे मोदी’ कहते हुए दालमंडी चौड़ीकरण और प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की गई।

विरोध प्रदर्शन के दौरान काले गुब्बारे आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में काले गुब्बारे लेकर दालमंडी चौड़ीकरण की योजना को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। उनका कहना था कि विकास के नाम पर प्रस्तावित बदलाव से स्थानीय लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर विरोध का यह तरीका अपनाया।

पीएम का बर्थडे केक

दो केक बने चर्चा का विषय

कार्यक्रम के दौरान काटे गए दो केक भी चर्चा में रहे। एक केक पर ‘मोदी’, जबकि दूसरे पर ‘हिंदू-मुस्लिम’ लिखा हुआ था। आयोजकों ने जन्मदिन के मौके पर केक काटने के कार्यक्रम को विरोध के संदेश से जोड़ दिया।

आयोजकों में शामिल आदिल खान ने कहा कि बेरोजगारी, रोजगार और दूसरे जनसरोकार के मुद्दों पर सवाल पूछे जाने के बजाय चर्चा को हिंदू-मुस्लिम या पाकिस्तान जैसे मुद्दों की ओर मोड़ने को लेकर उनका विरोध है। इसी संदेश को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखने के लिए ‘हिंदू-मुस्लिम’ लिखे केक का इस्तेमाल किया गया।

दालमंडी चौड़ीकरण बना मुख्य मुद्दा

विरोध करने वालों ने दालमंडी क्षेत्र की सड़क, 76सीवर और गड्ढों से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। उनका कहना था कि इलाके में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई सवाल अभी भी स्थानीय लोगों के सामने हैं। ऐसे में प्रस्तावित चौड़ीकरण और कॉरिडोर को लेकर स्थानीय स्तर पर अपनी बात सुने जाने की मांग की जा रही है।

स्थानीय लोगों के एक वर्ग की ओर से यह भी कहा गया कि दालमंडी जैसे घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्र में किसी भी बड़े निर्माण या चौड़ीकरण की योजना का असर यहां रहने वाले लोगों, दुकानदारों और कारोबारियों पर पड़ सकता है। इसी वजह से योजना को लेकर उनकी चिंताएं हैं।

जन्मदिन के जश्न के बीच विरोध की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर वाराणसी में विभिन्न स्थानों पर सेवा, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर प्रधानमंत्री के दीर्घायु होने की कामना के साथ आयोजन हुए। इसी बीच दालमंडी से सामने आईं काले गुब्बारों, काली पगड़ी और ब्लैक केक की तस्वीरों ने जन्मदिन के आयोजन के बीच विरोध का अलग दृश्य पेश किया।

दालमंडी में हुए इस कार्यक्रम के जरिए प्रदर्शनकारियों ने चौड़ीकरण और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से दर्ज कराई। जन्मदिन के मौके पर ‘हैप्पी बर्थडे मोदी’ के साथ विरोध का यह तरीका इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।

विरोध करने वालों का कहना है कि उनका उद्देश्य दालमंडी से जुड़े स्थानीय मुद्दों और चौड़ीकरण की योजना को लेकर अपनी आवाज उठाना है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उत्सवी माहौल के बीच दालमंडी में विकास परियोजना को लेकर स्थानीय असहमति को भी सामने ला दिया।

DUSU Election 2026 LIVE: 2.75 लाख छात्र करेंगे फैसला, यश डबास या विजय मीणा किसके सिर सजेगा ताज?

बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां कैंपस में कैसे घुसी? DUSU चुनाव में हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, मांगा जवाब

ममता बनर्जी को मिला फुटबॉल प्लेयर, ऋतब्रत गुट के हाथ आया लिफाफा, EC ने TMC गुटों में बांटे चुनाव चिह्न

4,821 रुपए बनाम 1,420 रुपए: 400 यूनिट बिजली पर महाराष्ट्र और सिक्किम के बिल में 3 गुने से ज्यादा का अंतर

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने लगाई फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में किया था बरी