CM Yogi Varanasi Visit Relief Camp: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण करने के बाद सलारपुर स्थित विद्याविहार इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार हर कदम पर बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत कर शिविर में उपलब्ध भोजन, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों के साथ “हर-हर महादेव” का उद्घोष भी किया।
सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष भी वह इसी विद्यालय में राहत कार्यों का निरीक्षण करने और राहत सामग्री वितरण के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि वरुणा नदी में बैकफ्लो के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि पहले बरसात के दौरान प्रदेश के 40 से 45 जनपद प्रभावित होते थे, जबकि पिछले साढ़े नौ वर्षों में हुए कार्यों के कारण अब सीमित जिले ही प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज काशी नई काशी के रूप में नए कलेवर को संजो रही है। काशी विश्वनाथ धाम, घाटों का विकास, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़क चौड़ीकरण और रिंग रोड ने काशी को नई पहचान और गरिमा प्रदान की है।
उन्होंने बताया कि राहत शिविरों में बच्चों और प्रभावित परिवारों को दूध, फल, अनाज, बाल्टी, मग, बिस्किट, नमक, तौलिया और तेल समेत 26 प्रकार की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में फसल क्षति झेलने वाले किसानों को भी मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि मकान गिरने, आकाशीय बिजली और सर्पदंश जैसी घटनाओं को आपदा के दायरे में शामिल करते हुए प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं बेघर हुए लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य के लिए 48 नावों की सेवा ली जा रही है। प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1131 किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक छिड़काव कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की बीमारी फैलने न पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “संकट की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। पूरी सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है।”
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी जग्गू राम मौर्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। उन्होंने राहत शिविर का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने शिविर में मौजूद बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की और उनकी पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय प्रदेश सरकार जनता के दरवाजे पर खड़ी होती है और मुख्यमंत्री लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी करते हैं।
इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक त्रिभुवन राम सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।