शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

UP News: शंकराचार्य ने शुरू की 'धर्मयुद्ध' यात्रा, 11 मार्च को लखनऊ में हुंकार भरेंगे अविमुक्तेश्वरानंद

Uttar Pradesh News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी से गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा शुरू हो गई है। यह यात्रा कई जिलों से गुजरते हुए 11 मार्च को लखनऊ में समाप्त होगी।

अभिषेक सिंह

Shankaracharya Avimukteshwaranand: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी से गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा शुरू हो गई है। यह यात्रा सुबह आठ बजे शुरू हुई जो कि कई जिलों से गुजरते हुए 11 मार्च को लखनऊ में खत्म होगी। शंकराचार्य ने चिंतामणि गणेश मंदिर में पूजा-पाठ किया और फिर संकटमोचन मंदिर में हनुमान चालीसा की पाठ के पश्चात यात्रा की शुरुआत की।

इस दौरान शंकराचार्य के साथ कई संत भी थे। जैसे ही वे पालकी में सवार हुए, काशी की सड़कें "हर हर महादेव" के नारों से गूंज उठीं। यात्रा वाराणसी से लखनऊ तक जाएगी। खबर है कि शहर के अलग-अलग इलाकों में उनका स्वागत किया जाएगा।

रोकेंगे तो रुक जाएंगे: शंकराचार्य

यात्रा की शुरुआत करते हुए शंकराचार्य ने सरकार पर तीखा हमला भी बोला और कहा कि अब गौ माता की रक्षा के लिए संघर्ष करना मजबूरी बन गया है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रशासन इस यात्रा को रोकने की कोशिश करेगा तो वे रुक जाएंगे, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इस यात्रा को रोका क्यों जाएगा।

किन-किन जिलों से गुजरेगी यात्रा?

7 मार्च को वाराणसी से शुरू हुई यह यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर, गौरीगंज और अमेठी होते हुए रायबरेली पहुंचेगी। इस यात्रा के दौरान शंकराचार्य जौनपुर और सुल्तानपुर में मीटिंग करेंगे। रायबरेली में भी उनकी एक मीटिंग होगी। आज वे वहीं रात बिताएंगे। अगले दिन, 8 मार्च को वे उन्नाव पहुंचेंगे, जहां वे मोहनलालगंज, लालगंज और अचलगंज से मीटिंग करेंगे। फिर वे वहीं रात बिताएंगे।

9 मार्च को शंकराचार्य बांगरमऊ और बघौली, फिर नैमिषारण्य में मीटिंग करेंगे और फिर वहीं रात बिताएंगे। अगले दिन, 10 मार्च को, वह सिंधौली और इजौता में मीटिंग करने के बाद लखनऊ पहुंचेंगे। फिर, 11 मार्च को दोपहर 2 बजे, वह कांशीराम स्मृति कल्चरल सेंटर पहुंचेंगे और गोरक्षा के लिए एक कैंपेन शुरू करेंगे।

राजधानी लखनऊ में भरेंगे हुंकार

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लखनऊ के कांशीराम उपवन में गाय को राज्य माता घोषित करने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट करेंगे। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि उन्हें परमिशन मिली है या नहीं। उनका कहना है कि उन्होंने 21 फरवरी को ही अनुमति के लिए आवेदन कर दिया था जो अभी प्रक्रिया में है। उन्हें उम्मीद है कि उनकी यात्रा के लखनऊ पहुंचने तक उन्हें परमिशन मिल जाएगी।

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