SP Leader Sharafat Ali Harsh Words: मर्यादा स्वस्थ लोकतंत्र की आधारशीला है। बिना इसके लोकतंत्र बेलगाम हो जाता है और किसी को लेकर कुछ भी बयानबाजी शुरू हो जाती है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का शोर तेज हो चुका है। राजनीतिक पार्टियां अपने जनाधार को मजबूत करने में जुट गई हैं। इसी क्रम में सपा हर जिले में पीडीए सम्मेलन कर रही है।
10 साल से सत्ता से दूर सपा के लिए करो या मरो की स्थिति है। लेकिन पार्टी के नेता जी लोग जनाधार को मजबूत करने के लिए अनाप-सनाप कुछ भी बोल दे रहें है। आज यूपी के हरदोई में गोपामऊ क्षेत्र में सपा का पीडीए सम्मेलन का आयोजन किया गया था। सभा को सम्बोधित करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली ने बीजेपी की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती को लेकर जातिसूचक और आप्पतिजनक बयान दे दिया।
शराफत अली ने संबोधित करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव के आरक्षण संसोधन के बिना प्रेमावती कुर्सी की जगह किसी घाट पर कपड़े धो रही होती।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद अनुसूचित जाति (धोबी समाज) से आने वाली प्रेमावती ने कड़ी आप्पति जताई है। उन्होंने पुलिस में शिकायत कर एससी-एससी एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले को लेकर शराफत अली ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका उद्देश्य मुलायम सिंह यादव की आरक्षण व्यवस्था की तारीफ करना था।
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उस वीडियो में आप साफ सुन सकते हैं जिसमें शराफत अली कह रहे है कि अगर मुलायम सिंह जी ने आरक्षण संसोधन नहीं किया होता तो प्रेमावती कुर्सी की जगह किसी घाट पर कपड़ेस धो रही होती।
शहाफत अली के बयान के बाद बीजेपी ने कड़ी आप्पति दर्ज की है। बीजेपी के कार्यकर्ता शराफत अली के बयान को लेकर बीजेपी महिला मोर्चा और बीजेपी की सदस्यों, पार्टी पदाधिकारियों ने शराफत अली मुरदाबाद के नारे लगाते हुए शराफत का पूतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया है।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रेमावती ने कहा क्या मै कपड़े धोने वाली लगती हूं? क्या धोबी होना गुनाह है? मेरे मां-बाप ने मुझे पढ़ाया लिखाया कपड़े धोने के लिए। उन्होंने आगे कहा बाबा साहब भीमराव आम्बेडकर ने संविधान बनाया दलितों को जीने का अधिकार दिया है उसे कोई छिन नहीं सकता है।
शराफत अली का विवादों से गहरा नाता रहा है। इससे पहले उन्होंने अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी कर चुके हैं जिसके लिए पार्टी ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया था।