

Premanand Maharaj Ashram New Rules: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत हालही में संदिग्ध स्थिति में हो गई थी। इसके बाद अब उनके आश्रम की व्यवस्थाओं में कई महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव किए गए हैं। इसके तहत केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही भक्त अब प्रेमानंद महाराज के दर्शन भी नहीं कर पाएंगे।
प्रेमानंद महाराज के शिष्य के रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) की मौत बिल्डिंग से गिरने के कारण हो गई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रसिक दुलारी की मौत के पीछे क्या कारण हैं। इसी बीच आश्रम ने व्यवस्थाओं में कुछ बड़े बदलाव करने की घोषणा की है।
प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने के कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। फिलहाल नए भक्तों को दीक्षा देने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। इसके अलावा टोकन के जरिए होने वाले दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है। यह रोक कब तक रहेगी, इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे अनिश्चितकालीन रोक ही माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इस बात की जानकारी भक्तों को आश्रम के सेवादारों ने दी।
आश्रम की व्यावस्था में सबसे बड़ा बदलाव टोकन के जरिए दर्शन को लेकर किया गया है। आश्रम की ओर से इसे फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है। यह इसलिए भी बड़ा बदलाव है क्योंकि देश-विदेश के श्रद्धालु प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आते हैं। हालांकि यह रोक सिर्फ यमुना विहार कुंज बेलवान वाले आश्रम किया गया है।
इसके अलावा सेवा व्यवस्था में लगे सेवादारों की वेशभूषा में किया गया है। जानकारी के मुताबिक अब सेवादारों की वेशभूषा को बदल दिया गया है। संत प्रेमानंद महाराज का आश्रम शिष्य के रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद से सवालों के घेरे में है।
प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता था, की मौत को लेकर काफी विवाद हो रहा है। उनकी मौत बिल्डिंग से गिरने के कारण हुई है। इसके चलते उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस पूरे मामले में आश्रम की ओर से फिलहाल कोई बयान सामने नहीं आया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतक के सिर पर करीब 14 टांकों वाला घाव मिला। सिर के ऑक्सिपिटल क्षेत्र में हेमेटोमा यानी अंदरूनी रक्तस्राव पाया गया। खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर दर्ज किया गया है। मस्तिष्क में भी हेमेटोमा का उल्लेख है। सिर्फ सिर ही नहीं, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटों के निशान मिले हैं। बाएं निचले होंठ और ठुड्डी पर चोट दर्ज की गई। पैर के टखने में चोट के साथ अंदरूनी हड्डी में फ्रैक्चर भी पाया गया। ये सभी चिकित्सकीय निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज किए गए हैं।
रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा छाती से जुड़ी चोटों को लेकर है। मृतक की बाईं ओर पांचवीं से आठवीं पसली तक फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। यानी लगातार चार पसलियों में फ्रैक्चर दर्ज किया गया। इसके साथ ही बाएं फेफड़े के फटने का भी उल्लेख रिपोर्ट में है। दोनों फेफड़ों में पीलापन पाया गया, जबकि फेफड़ों के आसपास की गुहा में रक्त मौजूद था। शरीर में हुए इसी तरह के अंदरूनी रक्तस्राव को देखते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हेमरेजिक शॉक को मृत्यु का कारण बताया गया है।