रामलीला में श्रीराम के तीर से रावण हो गया अंधा (Image- Social Media) 
उत्तर प्रदेश

रामलीला में श्रीराम के तीर से रावण हो गया अंधा! SC/ST एक्ट में दर्ज किया गया मामला, जानें क्या है पूरा मामला

Sonbhadra News: यूपी के सोनभद्र में एक अजीब केस हुआ है. सोनभद्र में रामलीला के दौरान श्रीराम के तीर से रावण अंधा हो गया। इसके बाद इस एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज हुआ है।

अर्पित शुक्ला

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रामलीला मंचन के दौरान हुई लापरवाही अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गई है। मंचन के दौरान भगवान राम के तीर से रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार की आंख की रोशनी चली गई। इस गंभीर हादसे के बाद राम का किरदार निभाने वाले कलाकार और रामलीला कमेटी के प्रबंधक के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

यह घटना करीब दो महीने पुरानी है। 13 नवंबर 2025 की देर रात करीब 12:30 बजे शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव में रामलीला का मंचन चल रहा था। राम-रावण युद्ध के दृश्य के दौरान भगवान राम की भूमिका निभा रहे नैतिक पांडेय ने तीर चलाया, जो सीधे रावण बने सुनील कुमार की आंख में जा लगा। तीर लगते ही सुनील दर्द से चीखते हुए मंच पर गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

रामलीला कमेटी के सदस्यों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और बाद में गंभीर हालत में वाराणसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, सुनील कुमार की बाईं आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है, जबकि दूसरी आंख पर भी असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

किन धाराओं में केस दर्ज?

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी पीड़ित सुनील कुमार एससी/एसटी समुदाय से हैं। उनके परिवार की शिकायत पर पुलिस ने राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार नैतिक पांडेय के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश) और 338 (लापरवाही से गंभीर चोट पहुंचाना) भी लगाई गई हैं। रामलीला कमेटी के प्रबंधक को भी केस में नामजद किया गया है।

पीड़ित सुनील कुमार का बयान

एक न्यूज चैनल से बातचीत में सुनील कुमार ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से रावण की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “राम-रावण युद्ध के दौरान मैंने कई बार मना किया, लेकिन इसके बावजूद मेरी आंख पर तीर मारा गया। मेरी कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर भी ऐसा क्यों किया गया, समझ नहीं आता।

उन्होंने कहा, घटना के बाद न कलाकार ने मदद की और न ही कमेटी ने सहयोग किया। उल्टा गाली-गलौज और धमकी दी गई। इलाज मुझे अपनी व्यवस्था से वाराणसी में कराना पड़ा, जो अब भी चल रहा है।” यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और रामलीला जैसे धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और सावधानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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