2021 में 12,603 पदों के मुकाबले अब 17,735 पदों पर मांगे गए आवेदन
भर्ती नियमावली और पात्रता शर्तों में बदलाव से अभ्यर्थियों में नाराजगी
टीईटी की अनिवार्यता को लेकर विरोध
UP TGT Posts Recruitment: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद सबसे बड़ी भर्ती के लिए आवेदन मांगा गया है। शिक्षा सेवा चयन आयोग नियमावली में बड़े बदलाव के साथ भर्ती के लिए आवेदन मांगा हैं। 1982 के बाद भर्ती के लिए पात्रता में बड़े स्तर पर बदलाव किया गया है। जिसके विरोध में छात्र आंदोलित हैं। यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती के तहत 17,735 पदों का विज्ञापन जारी किया है।
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से ठीक पहले जारी इस विज्ञापन को चुनावी एजेंडे के रूप में छात्र मान रहें हैं। छात्रों का कहना है कि चुनाव नजदीक आने पर सरकार बड़े स्तर पर भर्ती निकाली है जिसका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश होगी। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पात्रता की शर्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर शारीरिक शिक्षा विषय के अभ्यर्थियों को टीईटी की अनिवार्यता पर आपत्ति है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का गठन वर्ष 1982 में हुआ था। बोर्ड ने पहली बार 1983-84 में भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। उस समय टीजीटी और पीजीटी के करीब 2,500 से 3,000 पद थे। शुरुआती दौर में तदर्थ नियुक्तियों और सीमित विज्ञापनों के कारण भर्ती का दायरा अपेक्षाकृत छोटा रहा। वर्ष 1982 से 1992 के बीच विज्ञापित और तदर्थ आधार पर सृजित टीजीटी पदों की संख्या करीब आठ हजार बताई गई है।
भर्ती के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 1992 में करीब 1,500, 1996 में 2,200, 1999 में 1,800 और 2001 में लगभग 2,100 पद विज्ञापित हुए। इसके बाद 2002 में 1,650, 2004 में 2,400, 2005 में 2,800, 2009 में 3,400 और 2011 में 1,450 पदों पर भर्ती निकली। वर्ष 2012 में करीब 4,600, 2016 में 7,950 और 2021 में 12,603 पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ। अब 17,735 पदों के साथ भर्ती का दायरा और बढ़ा है।
प्रदेश के 4,512 एडेड माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शारीरिक शिक्षा के अभ्यर्थियों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने इस विषय की भर्ती में टीईटी को अनिवार्य नहीं किया है। उनका तर्क है कि बीपीएड या बीपीई की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए टीईटी का फॉर्म भरना संभव नहीं होने पर प्रमाणपत्र की अनिवार्यता कैसे लागू की जा सकती है।
टीजीटी भर्ती परीक्षा के लिए बने नए नियम पर छिड़े विवाद पर आयोग के उप सचिव डॉ. संजय सिंह ने कहा कि भर्ती की नियमावली में कोई परिवर्तन बहुत दिन बाद हुआ है और नियमावली को निर्धारित करने का अधिकार माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास सुरक्षित है।