प्रयागराज में कफन ओढ़कर लेटे अभ्यर्थी सोर्स- नवभारत लाइव
प्रयागराज

प्रयागराज में TGT-PGT आंदोलन तेज: साथी की मौत पर कफन ओढ़कर लेटे छात्र, JNU छात्रों ने भी खोला मोर्चा

Prayagraj TGT PGT Recruitment Protest: प्रयागराज में TGT-PGT आंदोलन 17वें दिन भी जारी रहा। छात्र की मौत के बाद अभ्यरिथियों में नाराजगी बढ़ गई है। शिक्षा निदेशालय पर तालाबंदी की कोशिश की गई।

ओमप्रकाश सिंह परिहार, अमन मौर्या

Prayagraj Hunger strike Update: टीजीटी-पीजीटी भर्ती पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर कराने की मांग को लेकर प्रयागराज में चल रहा छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में शामिल जौनपुर निवासी विजय बहादुर की मौत के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है।

धरना स्थल से शिक्षा निदेशालय पहुंचे छात्र

सोमवार को आमरण अनशन पर बैठे छात्र पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल से पैदल शिक्षा निदेशालय की ओर बढ़े। छात्रों को रोकने के लिए सिविल लाइंस एसीपी विद्युत गोयल और सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव पुलिस बल के साथ आगे आए, लेकिन छात्र शिक्षा निदेशालय पहुंच गए। वहां बड़ी संख्या में जुटे अभ्यर्थियों ने गेट पर तालाबंदी का प्रयास किया और परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। छात्र निदेशालय के उच्च अधिकारियों से वार्ता की मांग पर अड़े रहे।

आमरण अनशन पर छात्रों की बिगड़ रही तबीयत

पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर आमरण अनशन कर रहे कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। हालत खराब होने पर प्रशासन की ओर से छात्रों को एंबुलेंस से एसआरएन अस्पताल भेजा जा रहा है। इसके बावजूद अनशनकारी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

गीत-संगीत से सरकार पर निशाना

शिक्षा निदेशालय में पहुंचे आमरण अनशनकारी छात्रों ने रामनामी ओढ़कर गेट के सामने लेटकर विरोध जताया। छात्रों ने गीत-संगीत के जरिए भी अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन में जेएनयू से आए छात्र भी शामिल हुए। इससे पहले 17 सितंबर को भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव किया था और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था।

पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग टीजीटी-पीजीटी के रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की है। आंदोलनकारी टीईटी/सीटीईटी, सामान्य अध्ययन और शैक्षिक योग्यता से जुड़े नए प्रावधानों का भी विरोध कर रहे हैं। इससे पहले अगस्त में प्रतियोगियों ने शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन कर पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग रखी थी।

छात्रों का कहना है कि विजय बहादुर की मौत के बाद भी यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य बिगड़ने वाले अनशनकारियों को अस्पताल भेजने की प्रक्रिया जारी है।

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