Highlights:
एजी ऑफिस रोड पर दोनों तरफ आवागमन बंद, राहगीरों को परेशानी
मांगें नहीं मानी गईं तो अभ्यर्थियों ने लखनऊ कूच की दी चेतावनी
नई नियमावली से 8 लाख अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा
Prayagraj TGT PGT Recruitment Protest: टीजीटी-पीजीटी भर्ती प्रक्रिया पुराने नियमों के अनुसार कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षा निदेशालय के बाहर अपर पुलिस महानिदेशक कार्यालय के सामने धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने सोमवार की रात सड़क पर गुजारने के बाद मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रखा। अभ्यर्थी नई नियमावली के बजाय पुरानी व्यवस्था के तहत भर्ती कराने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
धरने के चलते एजी ऑफिस रोड पर दोनों तरफ से आवागमन बाधित हो गया है। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि नई नियमावली लागू होने से आठ लाख से अधिक अभ्यर्थियों के प्रभावित होने की आशंका है। उनका कहना है कि भर्ती की पुरानी व्यवस्था के तहत तैयारी कर रहे युवाओं की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। इसी आधार पर वे भर्ती प्रक्रिया में पुराने नियमों को लागू रखने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने प्रदेश की नौकरशाही और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जमीनी स्थिति की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की नीयत पर उन्हें संदेह नहीं है, लेकिन अधिकारी गलत सलाह देकर सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये आरोप अभ्यर्थियों ने अपने प्रदर्शन के दौरान लगाए हैं।
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि यदि प्रयागराज में उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे लखनऊ पहुंचकर अपनी आवाज उठाएंगे। उनका कहना है कि भर्ती नियमों में बदलाव का असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए।
फिलहाल अभ्यर्थी धरना जारी रखने पर अड़े हैं। वहीं, एजी ऑफिस रोड पर आवागमन बाधित होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि अभ्यर्थियों की मांगों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।