OBC Candidates In RRB ALP Recruitment 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की सहायक लोको पायलट (एएलपी) भर्ती 2026 के लिए आए आवेदन आंकड़ों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की दुनिया में नई चर्चा छेड़ दी है। 11,127 पदों के लिए देशभर से कुल 8,40,944 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों ने सामान्य वर्ग की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक आवेदन किए हैं। इससे भर्ती परीक्षा में प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार ओबीसी वर्ग से सर्वाधिक 3,90,337 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। वहीं सामान्य वर्ग से 1,28,960 उम्मीदवारों ने आवेदन जमा किए हैं। इस प्रकार सामान्य वर्ग के प्रत्येक उम्मीदवार के मुकाबले ओबीसी श्रेणी में तीन से अधिक दावेदार मैदान में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कटऑफ भी अपेक्षाकृत ऊंची जा सकती है।
ओबीसी के बाद अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग दूसरे स्थान पर है, जहां से 2,13,101 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से 84,006 तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से 23,540 आवेदन आए हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि रेलवे की यह भर्ती देश के युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय भर्तियों में शामिल बनी हुई है।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो ओबीसी उम्मीदवारों के आवेदन में सिकंदराबाद रेलवे भर्ती बोर्ड सबसे आगे रहा है, जहां से 74,253 आवेदन मिले हैं। वहीं सामान्य वर्ग में भुवनेश्वर बोर्ड शीर्ष पर है, जहां 12,508 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। एससी वर्ग में मुंबई बोर्ड को 34,533 आवेदन मिले, जबकि एसटी वर्ग में रांची 11,770 आवेदनों के साथ पहले स्थान पर रहा।
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भर्ती के लिए राष्ट्रीय स्तर पर औसतन एक पद पर लगभग 76 उम्मीदवार दावेदारी कर रहे हैं। हालांकि कुछ बोर्डों में प्रतिस्पर्धा इससे भी अधिक है। आरआरबी प्रयागराज में 610 पदों के लिए 41,807 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यहां एक पद के लिए करीब 68 उम्मीदवार मैदान में हैं। श्रेणीवार देखें तो सामान्य वर्ग से 7,994, ओबीसी से 19,357, एससी से 9,891, एसटी से 1,583 और ईडब्ल्यूएस से 2,982 आवेदन आए हैं।
इस भर्ती से जुड़ा एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है। रेलवे भर्ती का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले बिहार के कई युवाओं ने इस बार अपने नजदीकी बोर्डों के बजाय सिकंदराबाद और मुंबई जैसे बोर्डों को प्राथमिकता दी है। माना जा रहा है कि अभ्यर्थियों ने अपेक्षाकृत कम प्रतिस्पर्धा वाले बोर्ड चुनकर चयन की संभावना बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। आरआरबी अधिकारियों के अनुसार आवेदन संबंधी अंतिम आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है, लेकिन मौजूदा तस्वीर एएलपी भर्ती 2026 में कड़ी प्रतिस्पर्धा का संकेत दे रही है।