Railway Departmental Promotion Exam: रेलवे ने विभागीय पदोन्नति प्रणाली को पारदर्शी, आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। उत्तर रेलवे के रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) ने सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) को अब टैबलेट बेस्ड टेस्ट (टीबीटी) और कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से कराने का विस्तृत शेड्यूल जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत सितंबर तक अधिसूचना जारी होगी, नवंबर में परीक्षा आयोजित की जाएगी और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। इससे परीक्षा परिणाम और पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
आरआरसी के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 सितंबर तक विभागीय पदोन्नति परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी और 19 अक्टूबर तक पात्र अभ्यर्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली जाएगी।
नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों के लिए आवश्यक प्री-सेलेक्शन कोचिंग 20 नवंबर तक पूरी कराई जाएगी। इसके बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह से टैबलेट और कंप्यूटर आधारित मुख्य परीक्षा शुरू होगी।
इस प्रक्रिया में कर्मचारियों को परीक्षा के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है। डिजिटल माध्यम से परीक्षा आयोजित होने से प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका और मूल्यांकन की पारंपरिक प्रक्रिया में लगने वाले समय को भी कम किया जा सकेगा।
नई डिजिटल चयन प्रक्रिया का लाभ लखनऊ मंडल के प्रयागराज संगम, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ और प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशनों एवं कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को भी मिलेगा। इस प्रक्रिया में सैकड़ों रेलकर्मी शामिल होंगे।
इससे पहले एलडीसीई कोटा के तहत होने वाली पदोन्नति परीक्षाएं पारंपरिक पेन-पेपर या ओएमआर शीट आधारित होती थीं। प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं केंद्रों तक पहुंचाने, उनकी सुरक्षा और बाद में मैनुअल जांच में महीनों तक समय लग जाता था। इसी वजह से कर्मचारियों की पदोन्नति भी लंबे समय तक लंबित रहती थी।
रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार नए नियम लागू होने से पूरी व्यवस्था पेपरलेस और त्रुटिरहित होने की उम्मीद है। टैबलेट और कंप्यूटर पर परीक्षा होने से मूल्यांकन सॉफ्टवेयर के जरिए स्वतः और तत्काल किया जा सकेगा। इससे गड़बड़ी की आशंका कम होगी और परिणाम रिकॉर्ड समय में जारी किए जा सकेंगे। कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलने की उम्मीद है।