Prayagraj Teacher Recruitment Hunger Strike: संगम नगरी में टीजीटी और पीजीटी शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरिजाघर धरना स्थल पर अभ्यर्थी पिछले सात दिनों से धरना दे रहे हैं। वहीं पांच अभ्यर्थियों का आमरण अनशन 48 घंटे से जारी है। आंदोलनकारी करीब 20 हजार रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि बड़ी संख्या में युवा लंबे समय से पुरानी नियमावली और परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों में अचानक बदलाव किए जाने से उनकी वर्षों की तैयारी प्रभावित हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नई परीक्षा प्रणाली लागू करने से पहले उन युवाओं के हितों पर भी विचार किया जाना चाहिए, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
धरना स्थल पर मीना देवी, शिमला पटेल, सरोज, प्रवीण कुमार और अभिषेक कुमार आमरण अनशन पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक अनशन को 48 घंटे हो चुके हैं। उनका कहना है कि करीब 20 हजार रिक्त पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए। जब तक सरकार की ओर से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश नहीं आते, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रयागराज के सिविल लाइंस में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि नियमावली में किए गए बदलाव से प्रदेश के सात लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से अभ्यर्थियों ने पुराने नियमों के आधार पर अपनी तैयारी की थी। अचानक परीक्षा और चयन प्रक्रिया में बदलाव से उन्हें दोबारा तैयारी करने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थी पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही आगामी भर्ती कराने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर 16 सितंबर 2025 को जारी गजट और नई नियमावली को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार को पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए चयन आयोग को स्पष्ट निर्देश देना चाहिए। अभ्यर्थियों के मुताबिक लंबे समय से करीब 20 हजार रिक्त पदों पर भर्ती का इंतजार किया जा रहा है। नियमों में बदलाव ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
करीब 20 हजार रिक्त पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी हो।
पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
पुराना परीक्षा पैटर्न लागू किया जाए।
नई नियमावली से प्रभावित अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान किया जाए।
चयन आयोग को सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार चयन आयोग को पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने का निर्देश नहीं देती, तब तक अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा।
धरना स्थल पर मौजूद अन्य अभ्यर्थी भी आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार और चयन आयोग के रुख पर है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।