MD ड्रग फैक्ट्री (सोर्स- फोटो नवभारत)
प्रयागराज

Prayagraj: मुंबई क्राइम ब्रांच ने खोली स्थानीय पुलिस की पोल, 45 पुलिसकर्मियों वाली चार SOG टीमें भंग

MD Drug Factory: मांडा क्षेत्र में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा करोड़ों की MD ड्रग फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद पुलिस आयुक्त ने जिले की चारों SOG टीमें भंग कर दीं। चारों टीमों में 45 पुलिसकर्मी तैनात थे।

ओमप्रकाश सिंह परिहार, स्निग्धा श्रीवास्तव

Prayagraj Police SOG Action: मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला गांव में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा करोड़ों रुपये की एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किए जाने के बाद प्रयागराज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जनवरी से संचालित बताई जा रही इस फैक्ट्री की स्थानीय पुलिस को भनक तक न लगने की चर्चा के बीच पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की चारों एसओजी टीमों को भंग कर दिया। कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।

चारों एसओजी टीमों में तैनात थे 45 पुलिसकर्मी

पुलिस आयुक्त के आदेश के बाद सेंट्रल नगर, गंगानगर और यमुनानगर की एसओजी टीमों को भंग किया गया। सेंट्रल एसओजी में प्रभारी समेत 11, नगर एसओजी में प्रभारी समेत 14, गंगानगर में प्रभारी समेत 10 और यमुनानगर में प्रभारी समेत नौ पुलिसकर्मी तैनात थे। इस तरह चारों टीमों में कुल 45 पुलिसकर्मी शामिल थे। सभी को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने पुलिस उपायुक्त को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि, चारों टीमों को अचानक भंग करने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। लेकिन चर्चा है कि मांडा के कोसड़ा कला में लंबे समय से चल रही एमडी ड्रग फैक्ट्री की जानकारी स्थानीय पुलिस और एसओजी टीमों को न होना कार्रवाई की बड़ी वजह हो सकती है।

मुंबई पुलिस की कार्रवाई ने उठाए कई सवाल

मुंबई में जमीन मालिक के बेटे से कथित तौर पर ड्रग तस्करों की मुलाकात के बाद पुलिस को इस पूरे नेटवर्क का सुराग मिला। बताया जा रहा है कि तस्करों ने जमीन किराये पर ली थी और वहां एमडी ड्रग तैयार करने की फैक्ट्री संचालित कर रहे थे। जमीन मालिक का बेटा मुंबई में रहता था और कथित तौर पर उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि किराये पर ली गई जमीन का इस्तेमाल ड्रग निर्माण के लिए किया जा रहा है।

मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब फैक्ट्री जनवरी से संचालित थी तो स्थानीय पुलिस और एसओजी की निगरानी व्यवस्था को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?

अब और पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज

इस मामले में कार्रवाई का दायरा अभी और बढ़ने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक कोसड़ा कला गांव में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्री को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फैक्ट्री के आसपास के थानों में लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका और सूचना तंत्र की भी जांच हो सकती है।

खास बात यह है कि चारों एसओजी टीमों में कई पुलिसकर्मी वर्षों से तैनात थे और उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें अधिकारियों तक पहुंचने की बात सामने आती रही है। अब एसओजी टीमों के भंग होने के बाद पुलिस महकमे में आगे होने वाली कार्रवाई को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

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