6 नवंबर को भव्य दीपोत्सव की तैयारी
प्रयागराज के सभी प्रमुख घाटों पर भी होगा दीप प्रज्ज्वलन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और रंगोली से सजेगा आयोजन
Grand Deepotsav Preparations: प्रयागराज 6 नवंबर को दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। महर्षि भारद्वाज आश्रम और भगवान राम की वनगमन यात्रा से जुड़े पौराणिक तीर्थ श्रृंगवेरपुर धाम में भव्य दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा।
दोनों प्रमुख आयोजन स्थलों पर 1.25-1.25 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा संगम नगरी के सभी प्रमुख घाटों पर भी दीपोत्सव मनाने की तैयारी है। दीपों की रोशनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगोली और पारंपरिक आयोजन आकर्षण का केंद्र होंगे।
दीपोत्सव के जरिए प्रयागराज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। आयोजन में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। दोनों प्रमुख स्थलों के साथ घाटों को भी सजाया जाएगा, जिससे पूरा शहर दीपों की रोशनी से आलोकित नजर आए।
महर्षि भारद्वाज आश्रम पार्क में 1.25 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। वहीं, श्रृंगवेरपुर धाम में भी इतनी ही संख्या में दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। श्रृंगवेरपुर धाम में नियमित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हाईमास्ट लाइटें लगाने की भी योजना है।
दोनों स्थलों पर पारंपरिक तरीके से दीपोत्सव आयोजित होगा। इसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रंगोली सजाने की व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी करेगा, जबकि शिक्षा विभाग रंगोली आयोजन की जिम्मेदारी संभालेगा।
भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम के अलावा प्रयागराज के सभी प्रमुख घाटों पर भी दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए वालंटियर्स की भी मदद ली जाएगी। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तैयारियां पूरी करने की योजना है।
6 नवंबर का दीपोत्सव प्रयागराज के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रदर्शित करने का अवसर बनेगा। भारद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम जैसे ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ घाटों की भागीदारी से आयोजन का विस्तार होगा।
दोनों प्रमुख स्थलों पर समितियों के माध्यम से व्यवस्थाएं संचालित की जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, प्रकाश और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाएगी।