Dialogue A Decade Of UP: संगम नगरी प्रयागराज में फ्रेंड्स ऑफ यूपी के कार्यकर्ताओं ने यूपी डायलॉग-ए डिकेड ऑफ यूपी के बैनर तले संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में हुए विकास, आर्थिक बदलाव, इंफ्रास्ट्रक्चर, कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार और पर्यटन क्षेत्र में हुए परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में 200 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट , इलाहबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और शिक्षा के विशेषज्ञों ने प्रदेश के पिछले वर्षों के विकास को आंकड़ों और उदाहरणों के साथ सामने रखा।
फ्रेंड्स ऑफ यूपी’ द्वारा प्रयागराज में आयोजित ‘यूपी डायलॉग - चैप्टर 2’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 200 से अधिक युवा स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। संवाद कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप मे शामिल हुई इलाहाबाद हाईकोर्ट की सीनियर एडवोकेट अर्चना सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों में कानून व्यवस्था में जिस तरह का बदलाव हुआ है उससे शिक्षा क्षेत्र से लेकर महिला सुरक्षा की तस्वीर बदल गई है।
प्रयागराज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्ष पहले शहर के कोचिंग संस्थानों मे जिस तरह गुंडा टैक्स की वसूली का वातावरण बना उससे कोचिंग संस्थान बंद हो गए और प्रतियोगी छात्रों को दिल्ली का रुख करना पड़ा । उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालते ही कानून व्यवस्था का जो नया ढांचा तैयार हुआ उससे सब कुछ बदल गया । कोचिंग संस्थान फिर से खुल गए |
आगे उन्होंने कहा कि महिलायें और लड़कियां पूरी तरह खुद को सुरक्षित समझने लगी । अभिभावकों को अब अपनी बच्चियों की चिंता नहीं सता रही क्योंकि अब उन्हे भरोसा हो गया है उनकी सुरक्षा के लिए प्रदेश का मुख्यमंत्री बड़े भाई की भूमिका में हर समय उनके साथ है । अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अर्चना सिंह ने कहा कि जिस प्रयागराज की पहचान देशी बम और कुछ माफियाओं से होती थी वह माफिया मिट्टी मे मिल गए। सीएम योगी ने प्रयागराज को जीवंत कर दिया , प्रयागराज की पूर्व के ऑक्सफोर्ड वाली पहचान वापस दे दी ।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेश कुमार गर्ग ने इस अवसर बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 9-10 वर्षों में योगी सरकार ने तीन जो बड़े बदलाव किये उसमें पर्यटन में मंदिर की अर्थव्यवस्था का नया तंत्र शामिल करना शामिल है। मंदिरों के कोरिडोर की संकल्पना के साथ पर्यटन ने अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की। प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का कीर्तिमान इसका उदाहरण बन गया। मंदिरों और बड़े धार्मिक आयोजनों में योगी सरकार की भीड़ प्रबंधन की नीति से अन्य राज्य भी सीख रहे हैं और यह शोध का विषय बना हुआ है।
कार्यक्रम में अंत में अर्थव्यवस्था और वित्त मामलों के जानकार अरुणेश सिंह ने अर्थशास्त्र, वित्त और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को दो प्रमुख संवाद सत्रों में विभाजित किया गया। पहले सत्र में आमंत्रित वक्ताओं के साथ संवाद हुआ, जबकि दूसरे सत्र में युवाओं के साथ प्रश्नोत्तर और खुला संवाद आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से अपने विचार और प्रश्न साझा किए।
‘फ्रेंड्स ऑफ यूपी’ का उद्देश्य युवाओं को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ना और नीति, विकास एवं समाज से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक संवाद को आगे बढ़ाना है। ‘यूपी डायलॉग’ इसी दिशा में एक निरंतर प्रयास है, जो युवाओं, विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मजबूत संवाद स्थापित कर रहा है।