Prayagraj Heavy Blasting: यमुनानगर के बारा क्षेत्र स्थित धरा-बांकीपुर पहाड़ पर कथित मानक विहीन हैवी ब्लास्टिंग के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) के किसानों ने मोर्चा खोल दिया। लगातार विस्फोट से मकानों में दरारें आने, तेज धमाकों से ग्रामीणों में दहशत और गौशालाओं में बंधे गोवंशों के भयभीत होकर भागने का आरोप लगाते हुए किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। बुधवार को मौके पर पहुंचे खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी को ज्ञापन सौंपा गया। जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना स्थगित कर दिया।
किसानों और मजदूरों का आरोप है कि धरा-बांकीपुर पहाड़ पर खनन के दौरान मानकों की अनदेखी कर भारी मात्रा में विस्फोटक का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिन में कई बार होने वाले तेज धमाकों से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। किसानों ने कहा कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक होती है कि घरों में कंपन महसूस होता है और लोग भयभीत हो जाते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग से धरा, बांकीपुर और आसपास के गांवों में कई कच्चे-पक्के मकानों की दीवारों में दरारें आई हैं। किसानों का कहना है कि अचानक होने वाले धमाकों से बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल रहता है। उन्होंने ब्लास्टिंग से प्रभावित मकानों का सर्वे कराने और नुकसान का आकलन कर पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
किसानों ने गौशालाओं के आसपास हो रही ब्लास्टिंग को सबसे गंभीर समस्या बताया। उनका कहना है कि तेज धमाकों से गौशालाओं में बंधे गोवंश घबरा जाते हैं और कई बार रस्सी तोड़कर भागने लगते हैं। इससे उनके घायल होने के साथ ही सड़क पर पहुंचने से हादसे का खतरा भी बना रहता है। किसानों ने गौशालाओं के आसपास ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
खनन इंस्पेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने ब्लास्टिंग का निश्चित समय निर्धारित करने, मानकों के अनुरूप नियंत्रित मात्रा में विस्फोटक इस्तेमाल करने, प्रभावित मकानों का सर्वे कराने और गौशालाओं के आसपास ब्लास्टिंग रोकने की मांग की। खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी ने किसानों को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खदान संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।