Prayagraj Park Land Graveyard Encroachment Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण और भू-माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार का अभियान एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला शहर के एक प्रमुख पार्क की भूमि से जुड़ा है, जिस पर कथित तौर पर कब्रिस्तान द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगा है। इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।
पूरे मामले की शुरुआत प्रयागराज के मेयर की एक शिकायत से हुई। मेयर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक औपचारिक पत्र लिखकर मांग की थी कि पार्क की जमीन पर हुए अवैध कब्जे की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पार्क की भूमि को कब्रिस्तान की आड़ में कब्जा मुक्त कराया जाना आवश्यक है ताकि उसे दोबारा शहर के निवासियों के लिए पार्क के रूप में बहाल किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के लिए जाने जाते हैं, ने मेयर के पत्र का तत्काल संज्ञान लिया। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) प्रयागराज को कड़ी कार्रवाई करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सीएम के हस्तक्षेप के बाद यह स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी के निर्देश मिलते ही प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा एक्शन मोड में आ गए हैं। मामले की निष्पक्ष और बारीकी से जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दो अलग-अलग टीमों का गठन किया है।
1. राजस्व टीम: यह टीम जमीन के पुराने रिकॉर्ड्स, खतौनी और मानचित्रों की जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि मूल रूप से वह भूमि किसके नाम दर्ज है।
2. प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) टीम: यह टीम मौके पर जाकर निर्माण की स्थिति और तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी।
इन दोनों टीमों को समन्वय के साथ काम करने और जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
प्रयागराज के स्थानीय नागरिकों के लिए यह पार्क एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल रहा है। मेयर की मांग है कि जैसे ही जांच पूरी हो और अतिक्रमण की पुष्टि हो जाए, प्रशासन को तत्काल प्रभाव से इसे खाली कराना चाहिए। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कानून के दायरे में रहकर पार्क की स्थिति दोबारा बहाल की जा सकती है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि क्या पार्क की जमीन पर सचमुच अतिक्रमण किया गया है। यदि रिपोर्ट में कब्जे की बात पुष्ट होती है, तो आने वाले दिनों में प्रयागराज प्रशासन द्वारा बड़े 'बुलडोजर एक्शन' या कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, राजस्व और PDA की टीमें फाइलों को खंगालने और जमीनी हकीकत परखने में जुट गई हैं।