

CM Yogi Shower Flowers On Kanwariyas In Meerut: सावन का पावन महीना और चारों ओर 'बम-बम भोले' की गूंज के बीच आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रियों का ऐसा भव्य स्वागत किया कि पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री ने न केवल हवाई मार्ग से पुष्प वर्षा की, बल्कि जमीन पर उतरकर खुद अपने हाथों से शिव भक्तों पर फूलों की बारिश कर उनका उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को राजकीय वायुयान से हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से उन्होंने हेलीकॉप्टर के जरिए गाजियाबाद, मेरठ और बागपत के कांवड़ यात्रा मार्गों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, वे मेरठ के शोभित विश्वविद्यालय परिसर स्थित हेलीपैड पर उतरे और मेरठ-रुड़की हाईवे के दुल्हैड़ा चुंगी पहुंचे। यहां प्रशासन द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए 50 फीट लंबे मंच से उन्होंने कांवड़ियों का स्वागत किया। वीडियो साक्ष्यों के अनुसार, मुख्यमंत्री केवल चुटकी भर फूल नहीं छिड़क रहे थे, बल्कि वे पूरी की पूरी टोकरियां भरकर कांवड़ियों पर फूलों की वर्षा कर रहे थे।
जैसे ही मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे, कांवड़ियों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। पूरे मार्ग 'हर-हर महादेव' के नारे गूंजने लगे। मुख्यमंत्री खुद भी इस दौरान बेहद खुश और गदगद नजर आए; वे हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर भक्तों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। इस दृश्य को देखकर भक्तों में गजब की ऊर्जा भर गई। यहां तक कि एक 80 वर्ष के बुजुर्ग भी मुख्यमंत्री के इस प्रेम को देखकर नाचते हुए नजर आए।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस सघन पुष्प वर्षा से मेरठ की सड़कें मानो गुलाबी फूलों से रंग गई थीं। प्रशासन ने इस कार्यक्रम के लिए काफी तैयारियां की थीं, जिसमें बरसात के मौसम को देखते हुए जर्मन हैंगर तकनीक से एक भव्य मंच तैयार किया गया था ताकि कार्यक्रम में कोई बाधा न आए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि सावन की यह यात्रा केवल भक्ति का मार्ग नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समानता और समरसता का अनुपम उदाहरण पेश करती है। मुख्यमंत्री ने अनुमान जताया कि इस वर्ष सावन शिवरात्रि तक करीब 4 से 4.5 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार से जल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये भक्त जाति और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर भगवान शिव के प्रति समर्पित हैं और देश को जोड़ने का काम कर रहे हैं।