PM E-Drive Uttar Pradesh: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में उत्तर प्रदेश में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत प्रदेश में 238 स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इनमें प्रयागराज को 13 चार्जिंग स्टेशन मिले हैं। इससे संगम नगरी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
प्रयागराज में 13 नए चार्जिंग स्टेशन बनने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा का विस्तार होगा। फिलहाल इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण जरूरत बनती जा रही है। नए स्टेशन बनने से निजी कारों, दोपहिया वाहनों के साथ व्यावसायिक इलेक्ट्रिक वाहनों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत मेरठ को प्रदेश में सबसे अधिक 35 चार्जिंग स्टेशन मिले हैं। इसके बाद अन्य प्रमुख शहरों और जिलों में भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए शहरों के भीतर और प्रमुख मार्गों पर चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी। चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार ई-वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने के साथ पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वीकृत 238 चार्जिंग स्टेशनों में कानपुर को 12 स्टेशन मिले हैं, जो सूची में सबसे कम हैं। अलग-अलग शहरों में स्वीकृत स्टेशनों की संख्या स्थानीय जरूरत और प्रस्तावित नेटवर्क के आधार पर निर्धारित की गई है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत चार्जिंग ढांचे को मजबूत करने का उद्देश्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देना है।
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जरूरी माना जा रहा है। चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ई-वाहन चालकों को भी सुविधा मिलेगी और लोगों में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने का भरोसा बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश में 238 नए स्टेशन स्वीकृत होने से प्रदेश के ई-मोबिलिटी नेटवर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है। प्रयागराज जैसे बड़े शहर में 13 नए स्टेशन स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।