Automobile industry ने इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ावा के लिए प्रधानमंत्री की सराहना, ई-ड्राइव के लिए खास है योजना

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और बड़ी ऑटो कंपनियों ने देश भर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PM e-DRIVE योजनाओं के कैबिनेट के फैसले की सराहना की है।
PM e-DRIVE Plan
PM e-DRIVE (सौ. Design)
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PM e-DRIVE. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और बड़ी ऑटो कंपनियों ने देश भर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PM e-DRIVE योजनाओं के कैबिनेट के फैसले की सराहना की है। इस योजना के बारे में ज्यादा जानकारी दें तो इसमें 10,900 करोड़ रुपये लगाए गए हैं और यह योजना 2,479,000 इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर, 316,000 इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर और 14,028 इलेक्ट्रिक बसों के साथ-साथ 88,500 EV चार्जिंग साइट्स को सपोर्ट करने के लिए लाई गई है।

सरकार की सूच की कि तारीफ

SIAM के अध्यक्ष और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने सरकार की भविष्य की सूच के लिए की गई पहल के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त किया है।

चंद्रा ने कहा, "यह भविष्य की सूच के लिए की गई पहल भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बदलाव के लिए सरकार के अटूट समर्थन को दर्शाती है, जो इस क्षेत्र में नवाचार और निवेश को बढ़ावा देती है। हमारा मानना है कि यह योजना न केवल EV पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को बढ़ाएगी बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में वैश्विक आंदोलन में भारत के नेतृत्व को भी मजबूत करेगी।"

शाह ने कहा, "हम पीएम ई-ड्राइव योजना शुरू करने के लिए सरकार की सराहना करते हैं। 2W, 3W, ई-बसों और ई-एम्बुलेंस को सोच-समझकर जोड़ने पर निरंतर केंद्रित समर्थन के साथ, यह योजना देश में ईवी पैठ को और बढ़ाएगी।"

पीएम ई-ड्राइव योजना

इस बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो सालों में 10,900 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ 'पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव क्रांति इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट योजना', जिसे पीएम ई-ड्राइव योजना भी कहते हैं, को मंजूरी दे दी। इसके अंदर ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक और बाकी के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सब्सिडी और मांग प्रोत्साहन के रूप में 3,679 करोड़ रुपये शामिल किए गए हैं।

योजना के अंदर 24.79 लाख ई-2डब्ल्यू, 3.16 लाख ई-3डब्ल्यू और 14,028 ई-बसों की तैनाती में मदद मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है, जिससे भारत के ईवी इकोसिस्टम को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया जा सके। इसके साथ ही, इस योजना में ई-एम्बुलेंस की तैनाती के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो जरूरी सार्वजनिक सेवाओं में इलेक्ट्रिक वाहनों को लाने के लिए एक पहल है।

इन राज्यों में की गई पहल

दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर सहित नौ मुख्य शहरों में CESL की अगुआई में मांग एकत्रीकरण प्रक्रिया के साथ 14,028 ई-बसों की खरीद के लिए 4,391 करोड़ रुपये लगाने का वादा किया गया है। इसके अलावा, ई-ट्रकों को 500 करोड़ रुपये एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि ट्रक वायु प्रदूषण में सबसे बड़े रोल प्ले करते हैं।

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