OP Rajbhar Political Statement: उत्तर प्रदेश सरकार की राजनीति में एक बार फिर इतिहास और विरासत को लेकर बयानबाजी तेज हो गयी है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजभर ने शौकत अली को ‘अनपढ़, जाहिल’ बताते हुए महाराजा सुहेलदेव और सैयद सालार मसूद गाजी के इतिहास का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि देश को लूटने और लोगों को गुलाम बनाने आए आक्रमणकारियों का महाराजा सुहेलदेव ने 18 दिन तक डटकर मुकाबला किया था। राजभर ने इसे इतिहास से जुड़ा स्थापित तथ्य बताते हुए शौकत अली को इतिहास पढ़ने की सलाह दी।
ओपी राजभर ने कहा कि आज भी किले का अवशेष है। पूरी दुनिया को पता है कि अफगानिस्तान से सैयद सालार मसूद गाजी देश के मठ-मंदिरों को लूटने, देश की संपत्ति लूटने के लिए और गुलाम बनाने के लिए आया था। 585 में से तमाम राजाओं की हार हुई। जब वह बहराइच की ओर बढ़ा तो राजभर महाराजा सुहेलदेव की ओर से तमाम राजाओं की एक बैठक की गई।
राजभर ने आगे कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने अपनी बैठक मे कहा था कि देश सर्वोपरि है। अगर हमारा देश रहेगा तो हम लोग राजा रहेंगे, नहीं तो हमे गुलाम बना दिया जाएगा। ऐसे में सब लोग मिलकर लड़ो और बहराइच के नानपारा मैदान में 18 दिन युद्ध हुआ। 18वें दिन गाजी भाग खड़ा हुआ। महाराजा सुहेलदेव ने दौड़ाकर उसको मार दिया।
उन्होंने कहा कि जब यहां मुसलमानों के शासन में आईने अकबरी संविधान था और अंग्रेजों के शासन में गजेटियर संविधान था। शौकत अली को इतिहास के पन्नों को उठाकर पढ़ना चाहिए। जब इतिहास के पन्नों को पढ़ेंगे तब उन्हें समझ आएगा। यह बयानबाजी केवल वोट बैंक बनाने के लिए की जा रही है। हमारे देश को लूटने और गुलाम बनाने वाले की पूजा नहीं की जाएगी बल्कि जिसने देश की सुरक्षा की और देश की संपत्ति को बचाया, उसकी पूजा होगी।
ये भी पढ़ें-
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का स्मारक बनाया गया है और 56 फुट ऊंची प्रतिमा लगाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था और बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया। बता दें कि एआईएमआईएम नेता शौकत अली खान ने कहा था कि ये वही लोग हैं जो देश के संविधान का सम्मान नहीं करते और बाबा साहेब अंबेडकर के बारे में भी बुरा-भला कहते हैं।