Jewar Airport Flight Operations 2026: उत्तर प्रदेश के विकास इतिहास में 15 जून 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े एविएशन, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब के रूप में अपनी नई पहचान की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाएगा।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो 15 जून से एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं शुरू करेगी और इस एयरपोर्ट की पहली लॉन्च कैरियर बनेगी। उद्घाटन दिवस पर पहली उड़ान सुबह 7:05 बजे लखनऊ से रवाना होकर 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद नोएडा से बेंगलुरु के लिए पहली नियमित वाणिज्यिक उड़ान (कमर्शियल फ्लाइट) संचालित की जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित विकास मॉडल का भी प्रतीक माना जा रहा है। एयरपोर्ट के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक परियोजना बताया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जेवर एयरपोर्ट विकसित भारत के संकल्प को गति देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित यह परियोजना आज प्रदेश के तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य की पहचान बन चुकी है।
गौतमबुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। एयरपोर्ट के लिए लगभग 1334 हेक्टेयर (करीब 3300 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया। परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा कराया है।
एयरपोर्ट का पहला चरण पूरी तरह तैयार हो चुका है। पहले चरण में यह एयरपोर्ट प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा। डीजीसीए द्वारा 6 मार्च 2026 को एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस भी जारी किया जा चुका है। वर्तमान चरण में एक रनवे, अत्याधुनिक टर्मिनल भवन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है। वर्ष 2031 तक इसकी क्षमता बढ़ाकर तीन करोड़ वार्षिक यात्रियों की होगी। वर्ष 2036 तक यह क्षमता पांच करोड़ और वर्ष 2040 तक सात करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। अंतिम विस्तार के बाद एयरपोर्ट पर पांच रनवे होंगे और इसकी कुल क्षमता 22.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल करेगी।
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र के तीसरे एयरपोर्ट के रूप में विकसित यह प्रोजेक्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के लाखों यात्रियों के लिए नया विकल्प बनेगा। इंडिगो चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट को लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, धर्मशाला, जयपुर, नवी मुंबई, पंतनगर और श्रीनगर सहित 16 से अधिक शहरों से जोड़ेगी।
राज्य सरकार के अनुसार एयरपोर्ट परियोजना से लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हॉस्पिटैलिटी और सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। आने वाले वर्षों में जेवर क्षेत्र उत्तर भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और सेवा क्षेत्र केंद्र के रूप में विकसित होगा।