आरक्षण व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन (सोर्स- फोटो नवभारत)
मेरठ

हस्तिनापुर में आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को लाभ देने के लिए उठी मांग

Hastinapur Reservation Protest: हस्तिनापुर में आरक्षण व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन हुआ। आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद लोगों को आरक्षण का लाभ देने और सक्षम लोगों को दायरे से बाहर करने की मांग की गई।

कपिल सोनी, स्निग्धा श्रीवास्तव

Reservation System Reform Demand: आरक्षण व्यवस्था को लेकर शनिवार को हस्तिनापुर में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के जरूरतमंद लोगों को दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जो लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम हैं, उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाना चाहिए। ताकि वास्तविक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार भी आरक्षण व्यवस्था में सुधार की बात करती रही है, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य उन लोगों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

मांगों पर जल्द विचार करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया और संबंधित कानून को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले तहसील स्तर पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी।उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे। प्रदर्शन के दौरान सरकार से आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।

वास्तविक जरूरतमंद लोगों को आरक्षण दिलवाना उद्देश्य

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग का विरोध करना नहीं, बल्कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की। इस प्रदर्शन में हरी प्रताप सिंह, अमरीश ठाकुर, भीम, राहुल ठाकुर, दिवाकर समेत कई लोग मौजूद रहे। अब देखना होगा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है। क्योंकि आरक्षण व्यवस्था को लेकर इस बार आर-पार की लड़ाई की बात कही जा रही है।

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