दोसेरस गांव  (सोर्स- फोट नवभारत)
मथुरा

Mathura: सड़क पर भरा पानी बना मुसीबत, दोसेरस के ग्रामीणों ने सांसद हेमा मालिनी को सौंपा ज्ञापन

Mathura Waterlogging: मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र के दोसेरस गांव में मुख्य मार्ग पर करीब 2 फीट तक जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों ने सांसद हेमा मालिनी को ज्ञापन सौंपकर स्थायी जल निकासी की मांग की

मोहन श्याम शर्मा, स्निग्धा श्रीवास्तव

Mathura Dosesras Waterlogging Problem: उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की ओर से विकास कार्यों को लेकर लगातार दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मथुरा की गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। गोवर्धन क्षेत्र के दोसेरस गांव में जलभराव की गंभीर समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव के प्रमुख मार्ग पर करीब दो फीट तक पानी भरा होने के कारण लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बनी इस समस्या के बावजूद जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है।

18 गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र है दोसेरस

दोसेरस केवल एक गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के करीब 18 गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से दोसेरस के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण पैदल निकलना मुश्किल है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक बरसात के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। कई स्थानों पर पानी लंबे समय तक जमा रहने से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है। जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा के काम के लिए इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है, लेकिन सड़क पर भरे पानी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत की जा चुकी है। उनका कहना है कि उन्होंने गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह से भी समस्या के समाधान की मांग की और कई बार अपनी परेशानी बताई। इसके अलावा एसडीएम गोवर्धन को भी जलभराव की स्थिति से अवगत कराते हुए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की गई, लेकिन समस्या का प्रभावी समाधान नहीं हो सका।

स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतों के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने अब अपनी आवाज को जनप्रतिनिधि के माध्यम से उच्च स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया। इसी क्रम में शुक्रवार को ग्रामीण मथुरा की सांसद हेमा मालिनी से मिले और उन्हें जलभराव की समस्या से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

मार्ग पर पानी भरा रहने से ग्रामीणों को प्रतिदिन होती है परेशानी

ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि दोसेरस का मुख्य मार्ग करीब 18 गांवों के लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। इस मार्ग पर पानी भरा रहने से ग्रामीणों को प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सांसद से मांग की कि सड़क को दुरुस्त कराने के साथ ही पानी की निकासी के लिए स्थायी नाला अथवा अन्य प्रभावी व्यवस्था कराई जाए, ताकि हर साल बरसात में पैदा होने वाली समस्या से ग्रामीणों को निजात मिल सके।

ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद सांसद हेमा मालिनी ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संबंधित अधिकारियों तक उनकी समस्या पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा।

अब ग्रामीणों की निगाहें सांसद के हस्तक्षेप और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि के स्तर से पहल होने के बाद दोसेरस की वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा और करीब 18 गांवों के हजारों लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

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