जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम (सोर्स: नवभारत लाइव)
मथुरा

मथुरा में शिक्षकों को दिया गया विधिक साक्षरता का प्रशिक्षण, विद्यार्थियों को बताएंगे अधिकार और कानून

Mathura Law Training: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल के माध्यम से कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए संवैधानिक जागरूकता और विधिक साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

मोहन श्याम शर्मा, नमिता प्रजापति

Highlights:

  • शिक्षकों को प्रमुख कानूनों की दी गई जानकारी

  • विद्यार्थियों को अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति करेंगे जागरूक

  • स्कूलों में होंगी विधिक साक्षरता गतिविधियां

Mathura Teachers Legal Literacy Training: विद्यार्थियों को संविधान, कानूनी अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा की ओर से बुधवार को जनपद न्यायालय के केंद्रीय कक्ष में लीगल लिटरेसी क्लब के नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के लगभग 70 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को विधिक साक्षरता अभियान के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विकास कुमार के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह ने की। इस दौरान सिविल जज (जू.डि.) प्रत्यूष आनंद मिश्रा, अपर सिविल जज (जू.डि.) सोनल उपाध्याय और प्रियंका वर्मा सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

संविधान और मौलिक अधिकारों की दी जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने शिक्षकों को संविधान निर्माण की प्रक्रिया, संविधान निर्माताओं के योगदान, संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों, संवैधानिक उपचारों, राज्य के नीति-निदेशक तत्वों और मौलिक कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही भारतीय शासन व्यवस्था के तीन प्रमुख अंगों विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका एवं कार्यप्रणाली को भी समझाया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि विद्यार्थियों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। इससे उनमें संविधान के प्रति सम्मान, कानून के पालन और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना के मूल्यों को विकसित किया जा सकेगा।

बाल-संरक्षण कानूनों पर विशेष जोर

कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण से संबंधित कानूनों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। शिक्षकों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा बाल श्रम उन्मूलन से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें कानूनी संरक्षण से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन दे सकें।

विद्यालयों में संचालित होगा विधिक जागरूकता अभियान

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल के तहत नामित नोडल शिक्षक विद्यालयों और प्राधिकरण के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। इनके माध्यम से कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए संवैधानिक जागरूकता और विधिक साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

नोडल शिक्षकों को इस उद्देश्य से प्रशिक्षित किया गया है कि वे विद्यालयों में विद्यार्थियों को कानून, अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी प्रभावी ढंग से दे सकें। साथ ही बच्चों को उनके कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करने और जरूरत पड़ने पर उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा की इस पहल को विद्यालय स्तर पर विधिक जागरूकता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में कानूनी समझ विकसित करने, बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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