Mathura Krishna Janmabhoomi Janmashtami: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व बेहद भव्य और दिव्य स्वरूप में मनाया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर जन्मभूमि परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जन्मोत्सव के अवसर पर इस बार श्रद्धालुओं को भगवान राधा-कृष्ण का विशेष और अलौकिक श्रृंगार देखने को मिलेगा। भगवान राधा-कृष्ण को पंचरत्नों से निर्मित विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी। इस विशेष पोशाक में धार्मिक आस्था, परंपरा और कलात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
आज जन्मोत्सव के दिन भगवान राधा-कृष्ण को पंचरत्नों से सुसज्जित विशेष पोशाक पहनाई जाएगी। इसके बाद भगवान अपने भक्तों को दिव्य दर्शन देंगे। जन्मभूमि में होने वाले इस विशेष श्रृंगार को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह बना हुआ है। देशभर से मथुरा पहुंचने वाले श्रद्धालु जन्मभूमि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और विशेष श्रृंगार के दर्शन करने के लिए उत्सुक हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान 14 रत्नों की प्राप्ति हुई थी। इन्हीं रत्नों में से पांच रत्नों को भगवान राधा-कृष्ण की विशेष पोशाक में शामिल किया गया है। पंचरत्नों से सुसज्जित यह पोशाक जन्मोत्सव के अवसर पर भगवान को धारण कराई जाएगी। माना जा रहा है कि भगवान का यह विशेष श्रृंगार जन्मोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यक्रमों को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है। जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। जन्मोत्सव को खास बनाने के लिए विभिन्न स्थानों से विशेष सामग्री भी प्राप्त हुई है। बताया गया है कि भगवान के लिए काशी और अयोध्या से विशेष वस्त्र एवं पोशाक प्रसाद स्वरूप प्राप्त हुए हैं। इन वस्त्रों को भगवान के श्रृंगार में शामिल किया जाएगा।
जन्मभूमि में होने वाले जन्मोत्सव को लेकर धार्मिक वातावरण अभी से भक्तिमय नजर आने लगा है। मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण कृष्णमय होने की उम्मीद है। जन्म के समय विशेष आरती, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र रहेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार, जन्मोत्सव पर भगवान राधा-कृष्ण को पंचरत्नों से निर्मित विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी। काशी और अयोध्या से प्राप्त विशेष वस्त्र भी इस आयोजन की धार्मिक गरिमा को बढ़ाएंगे। जन्मभूमि में इस बार भगवान के अलौकिक श्रृंगार और दिव्य दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
जन्मभूमि पर मनाया जाने वाला श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर वर्ष देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र रहता है। इस बार पंचरत्नों से सुसज्जित भगवान राधा-कृष्ण की विशेष पोशाक और अलौकिक श्रृंगार इस धार्मिक आयोजन को और भी खास बनाने जा रहा है।