Mathura Ganesh Utsav: गणेश उत्सव को लेकर मथुरा में भक्ति और उत्साह का माहौल है। शहर के विभिन्न इलाकों और कॉलोनियों में गणपति बप्पा की प्रतिमाएं विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ स्थापित की गई हैं। जगह-जगह बनाए गए आकर्षक पंडालों में सुबह-शाम पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन हो रहा है। गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति की प्रतिमाओं का स्वागत किया। प्रतिमा स्थापना के बाद विधिवत पूजा-अर्चना और आरती कर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की गई। पंडालों में आयोजित भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु जमकर झूमते और गणपति बप्पा के जयकारे लगाते नजर आए।
वहीं, मथुरा के जयसिंहपुरा स्थित किड्स गोइंग गुरुकुल में भी गणपति बप्पा की प्रतिमा विधि-विधान के साथ स्थापित की गई। गुरुकुल के विद्यार्थियों और प्राचार्य ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। यहां गणेश पूजन का आयोजन 12 दिनों तक किया जाएगा।
गुरुकुल में गणपति बप्पा को विशेष रूप से छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों के लिए भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजकों के मुताबिक गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मथुरा में जगह-जगह विराजे गणपति बप्पा के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्ति, संगीत और जयकारों के बीच ब्रज की धरती गणेशमय नजर आ रही है।
सोमवार, 14 सितंबर को पूरे देश में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जा रहा है। आज हर घर में गणपति बप्पा विराजेंगे। गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है।
10 दिन तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। हालांकि यह हर घर में अलग होता है, डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या 10 दिन बाद भी गणपति विसर्जन किया जाता है।
विसर्जन के समय "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" का जयघोष करें। कोशिश करें कि श्री गणेश मूर्ति को नदी या तालाब की जगह घर के ही जल-पात्र या कृत्रिम तालाब में विसर्जित करें ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे।