रीता राय सागर
फुकेत में बना है पुणे के प्रसिद्ध दगडूशेठ गणपति मंदिर से प्रेरित मंदिर। इसकी कहानी भक्ति, आस्था और भारत-थाईलैंड के सांस्कृतिक जुड़ाव से जुड़ी है।
थाईलैंड के फुकेत में Lord Shrimant Ganpati Bappa Devalai मंदिर बनाया गया है। यह पुणे के प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर से प्रेरित है।
इस मंदिर की संस्थापक पापचसॉर्न मीपा हैं। मंदिर वेबसाइट के अनुसार, वे फाउंडर, चेयरमैन और प्रेसीडेंट है। उनकी गणपति जी में विशेष आस्था है।
करीब 20 साल पहले पापचसॉर्न निपा पर्यटक के तौर पर पुणे आई थीं। दगडूशेठ गणपति के दर्शन के बाद उनकी आस्था इतनी गहरी हुई कि उन्होंने फुकेत में भी ऐसा मंदिर बनाने का संकल्प लिया।
पापचसॉर्न निपा ने 2022 में फुकेत में मंदिर का निर्माण शुरू कराया। दिसंबर 2024 में यह मंदिर बनकर तैयार हुआ।
पुणे में तैयार करीब 700 किलो की गणपति प्रतिमा को समुद्र के रास्ते जहाज से फुकेत ले जाया गया। यह समुद्री सफर करीब 40 दिन चला।
फुकेत में स्थापित गणपति प्रतिमा पुणे के कारीगर नाना इंदारे ने तैयार की। प्रतिमा की आंखें हर्षद महामुनी ने बनाई थीं।
मंदिर में गणपति के साथ अन्य देवताओं के स्वरूप भी मौजूद हैं। यहां पूजा और आरती की नियमित व्यवस्था है।
भगवान श्रीमंत गणपति बप्पा देवालाई, रवाई बीच के पास फुकेट स्थित है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यह रोज सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है।
पुणे के दगडूशेठ गणपति से प्रेरित यह मंदिर अब फुकेत में भारत और थाईलैंड के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक केंद्र है।