Devkinandan Thakurji Maharaj Harvard: वृंदावन के प्रसिद्ध धर्मगुरु एवं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने अमेरिका के बोस्टन स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में ‘सनातन धर्म और आधुनिक जीवन’ विषय पर आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी कम्युनिटी के छात्रों, पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर्स, फैकल्टी और विभिन्न सांस्कृतिक एवं व्यक्तिगत पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों के साथ आध्यात्म, नैतिक मूल्यों और आधुनिक जीवन में सनातन दर्शन की उपयोगिता पर संवाद किया।
वृंदावन से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अमेरिका पहुंचे देवकीनंदन महाराज बोस्टन में कथा कार्यक्रम से पूर्व हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां हार्वर्ड यूनिवर्सिटी कम्युनिटी की ओर से उनका स्वागत किया गया। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिक डॉ. अर्जुनवीर शर्मा ने ‘ज्ञान, मूल्य और जीवन’ विषय पर आयोजित इस संवाद कार्यक्रम की मेजबानी की।
कार्यक्रम को पारंपरिक व्याख्यान के बजाय खुली और इंटरैक्टिव बातचीत के रूप में आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने आध्यात्मिक विषयों के साथ-साथ अकादमिक और प्रोफेशनल जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल देवकीनंदन महाराज के सामने रखे।
छात्रों और श्रोताओं ने सवाल किया कि सफलता हासिल करने की कोशिश के दौरान व्यक्ति अपने मूल्यों से किस प्रकार जुड़ा रह सकता है। दबाव, महत्वाकांक्षा और अनिश्चितता के बीच मानसिक एवं आंतरिक संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। साथ ही ज्ञान और समझ व्यक्ति को केवल एक सफल प्रोफेशनल ही नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनने में किस प्रकार मदद कर सकते हैं।
देवकीनंदन महाराज ने इन सवालों का आध्यात्मिक और भारतीय दार्शनिक दृष्टिकोण से समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने सनातन परंपरा में निहित जीवन मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान को आधुनिक जीवन की चुनौतियों से जोड़ते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान व्यक्ति के व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ उसकी सामाजिक और व्यावसायिक जिम्मेदारियों को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव विजय शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में मूल्यों, जीवन के उद्देश्य, मानवीय भलाई, रिश्तों, आंतरिक संतुलन और आधुनिक जीवन की चुनौतियों जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। विभिन्न पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों ने संवाद में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
श्रोताओं को संबोधित करते हुए देवकीनंदन महाराज ने कहा कि अध्यात्म का अर्थ केवल मंदिर जाकर पूजा करना नहीं है, बल्कि अपने व्यवहार में सदाचार, सत्य और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करना है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में जीवन से जुड़े प्रत्येक प्रश्न के समाधान के लिए ज्ञान और मार्गदर्शन मौजूद है। अध्यात्म व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाकर उसे बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़, प्रतिस्पर्धा और तनाव के बीच यदि व्यक्ति धर्म और सदाचार के मूल सिद्धांतों के अनुसार आचरण करे तो वह अपने जीवन को अधिक शांतिपूर्ण, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण बना सकता है।
गौरतलब है कि देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज इन दिनों सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए दो माह की अमेरिका यात्रा पर हैं। इस दौरान वे बोस्टन, कैलिफोर्निया, न्यू जर्सी सहित अमेरिका के विभिन्न शहरों के साथ कनाडा के ब्रैम्पटन और एडमंटन आदि स्थानों पर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति पर प्रवचन एवं संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।