Mathura Baby Kidnapping Case: संतान प्राप्ति की चाह में एक दंपती जैसे लिव-इन में रह रहे जोड़े ने अंधविश्वास के चलते पांच माह के मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया। साधु भेषधारी बाबा के कथित झांसे में आकर आरोपियों ने मथुरा रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो के बाहर सो रहे परिवार के बच्चे को अपना शिकार बनाया। वारदात के बाद मथुरा पुलिस की हाईवे, साइबर और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे के भीतर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में एक पुरुष और उसकी लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजीव (27) और उसकी 27 वर्षीय लिव-इन पार्टनर के रूप में हुई है। दोनों मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ में पुलिस के सामने आरोपियों की निजी जिंदगी और अपहरण की वजह से जुड़ी कई अहम बातें सामने आईं।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी महिला की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। शादी के बाद संतान नहीं होने के कारण कथित तौर पर उसे पति की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इससे परेशान होकर वह पति से अलग हो गई और बाद में संजीव के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने लगी। दोनों संतान प्राप्ति की इच्छा रखते थे और इसी चाह में धार्मिक आस्था और अंधविश्वास के बीच भटक रहे थे।
इसी दौरान मथुरा रेलवे स्टेशन पर उन्हें साधु भेषधारी एक बाबा मिला। आरोपियों के मुताबिक बाबा ने महिला के हाथ की रेखाएं देखकर उसे बताया कि यदि वह किसी छोटे बच्चे को दुलारकर अपने साथ ले जाएगी तो उसकी कुंडली में संतान प्राप्ति का योग बन जाएगा। बाबा की इस बात पर दोनों आरोपियों ने विश्वास कर लिया और मासूम बच्चे को अगवा करने की साजिश रची।
8 सितंबर 2026 को मथुरा रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो के बाहर एक परिवार सो रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने परिवार के पांच माह के बच्चे को कथित तौर पर चोरी कर लिया और वहां से फरार हो गए। बच्चे के गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों की तहरीर पर थाना हाईवे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हाईवे पुलिस के साथ साइबर और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया। रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। संदिग्ध गतिविधियों और सर्विलांस इनपुट के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची।
11 सितंबर की सुबह मथुरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से पांच माह के मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि संतान प्राप्ति जैसी संवेदनशील इच्छा को लेकर अंधविश्वास फैलाने वाले लोगों के झांसे में आना कितना गंभीर परिणाम दे सकता है। पुलिस अब उस साधु भेषधारी व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसके कथित कहने पर मासूम के अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया।