प्रदर्शन करते अभ्यर्थी (सोर्स- फोटो नवभारत) 
लखनऊ

ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती 2022 का रिजल्ट जारी करने की मांग, अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम आवास का किया घेराव

UP Gram Panchayat: ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परिणाम जारी नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की और फाइनल रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर डिप्टी सीएम के आवास का घेराव किया।

स्निग्धा श्रीवास्तव

UP Gram Panchayat Officer Recruitment: यूपी की राजधानी लखनऊ में ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती (2022) के अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं अभ्यर्थियों ने अपनी मांगो को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव भी किया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाए है कि ग्राम पंचायत अधिकारी की 2022 में आई वैकेंसी का फाइनल रिजल्ट अभी तक जारी नही किया गया है। जबकि भर्ती की सारी प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है।

अभ्यर्थियों ने मानव शृंखला बनाकर किया घेराव

बता दें कि मंगलवार की सुबह 9 बजे अभ्यर्थियों ने यूपी के डीप्टी सीएम के लखनऊ आवास पर मानव शृंखला बनाकर घेराव किया और अपनी मांगे रखी। अभ्यर्थियों के अनुसार वे 2022 में आई वैकेंसी के फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। सारी प्रक्रिया पूरी हो गई है रिजल्ट घोषित करने में देरी क्यों की जा रही है।

2022 में आई थी ग्राम पंचायत अधिकारी की वैकेंसी

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 2023 में आवेदन लिए गए आवेदन के बाद लिखित परीक्षा, अभिलेख सत्यापन सहित सभी भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी लेकिन फाइनल रिजल्ट जारी नहीं किए गए है। अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के माध्यम से शीघ्र परिणाम जारी किए जाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

2023 में शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि PET के माध्यम से 2022 में वैकेंसी आई थी और ग्राम पंचायत अधिकारी के लिए 1468 पदों पर भर्ती प्रक्रिया 2023 में शुरू की गई थी। हजारों अभ्यर्थियों ने इसके लिए आवेदन किया। जिसके लिए 27 अप्रैल 2025 को लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई थी। जिसके बाद पात्र अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया अप्रैल और मई तक पूरी हुई। फिर भी अब तक फाइनल रिजल्ट जारी नहीं किया गया हैं। जिसे लेकर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जाहिर की है।

पंचायती राज मंत्री के आवास पहुंचे प्रदर्शनकारी

बता दें कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाद प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास पहुंचे लेकिन यहां पुलिस ने बात करके यहां से सबको वापस लौटा दिया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज उनके सामने रोजगार का संकट और जीवनयापन करने जैसी कई चुनौतियां हैं। अगर समय पर आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई होती आज वे भी अपने परिवार का सहारा होते।

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