नेपाल से उत्तराखंड तक कई मुश्किल ट्रेक पूरे कर चुकी थीं
13 सदस्यीय दल में घटनास्थल पर दो सदस्यों में एक युवती का शव
छठवें दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी
Sisters Caught in Uttarkashi Avalanche: दिवाली से पहले जहां घरों में रोशनी और खुशियों की तैयारियां होनी थीं, वहीं लखनऊ के गायत्रीपुरम में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन की चपेट में आए 13 सदस्यीय दल के घटनास्थल पर दो सदस्यों में एक युवती का शव मिलने पर परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दल में लखनऊ की सगी बहनें वर्तिका और दीपिका भी शामिल थीं। घरवालों की निगाहें लगातार फोन पर टिकी हैं और हर गुजरते पल के साथ उत्तराखंड से आने वाली खबरों का इंतजार और बेचैनी बढ़ा रहा है।
उत्तरकाशी में लापता ट्रेकर्स की तलाश के लिए बुधवार को छठवें दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है। मंगलवार को रेस्क्यू टीम ने दो ट्रेकर्स के शव बरामद किए थे। खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण बचाव अभियान में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। लंबे समय से कोई सुराग नहीं मिलने और दुर्गम परिस्थितियों के चलते लापता लोगों के सुरक्षित बचने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
वर्तिका और दीपिका को घूमने के साथ-साथ पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने का खासा शौक था। दोनों बहनें नेपाल से लेकर उत्तराखंड तक कई चुनौतीपूर्ण ट्रेक पूरे कर चुकी थीं। पहाड़ों के बीच लंबी दूरी तय करना और नई जगहों को तलाशना उनके पसंदीदा शौक में शामिल था। इस बार भी दोनों केदारताल ट्रेक पर निकली थीं, लेकिन यह सफर परिवार के लिए कभी न भूलने वाला इंतजार बन गया।
वर्तिका और दीपिका के पिता श्री नारायण वर्मा ने ट्रेकिंग एजेंसी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटियों के ट्रेकिंग पर जाने के बाद परिवार को उनकी तरफ से कोई सूचना नहीं मिली। ट्रेकिंग एजेंसी ने भी हादसे के बारे में उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी। परिवार को बेटियों के लापता होने की खबर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के जरिए मिली।
पिता के मुताबिक, अगर एजेंसी की ओर से समय रहते जानकारी दी जाती तो परिवार को स्थिति का पता पहले चल सकता था। उन्होंने बताया बेटियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए छोटा बेटा अतुल परिवार के लोगों के साथ उत्तरकाशी पहुंचा है।
परिवार में तीन बच्चे हैं। वर्तिका सबसे बड़ी बेटी है और उसकी उम्र 31 साल है। दीपिका उससे करीब 10 महीने छोटी यानी 30 साल की है। परिवार में सबसे छोटा बेटा अतुल 25 वर्ष का है।
वर्तिका ने MBA किया है और मुंबई की एक निजी कंपनी में वर्क फ्रॉम होम करती है। पिता के मुताबिक, उसका सालाना पैकेज करीब 36 लाख रुपये है। वहीं, दीपिका ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) से कोर्स किया है।
पिता ने बताया कि दोनों बेटियों की शादी को लेकर घर में बातचीत भी होती थी, लेकिन वे कुछ समय बाद शादी करने की बात कहती थीं। किसी ने नहीं सोचा था कि उनका एक ट्रेक इस तरह पूरे परिवार को चिंता में डाल देगा।
जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। इसमें सात ट्रेकर्स और छह सपोर्ट स्टाफ के सदस्य शामिल थे। 29 अक्टूबर को केदार खड़क के पास हिमस्खलन और भारी बर्फबारी की चपेट में आने से दल के सदस्य फंस गए।
सपोर्ट टीम के पांच सदस्य किसी तरह सुरक्षित लौट आए, जबकि स्थानीय गाइड समेत आठ लोग लापता हो गए। इसके बाद SDRF, NDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने तलाश अभियान शुरू किया। मंगलवार को करीब 4,000 मीटर की ऊंचाई से एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद किए गए।
केदारताल समुद्र तल से करीब 15,400 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। गंगोत्री से इसकी दूरी लगभग 18 किलोमीटर है। ऊंचाई, बर्फबारी और लगातार बदलते मौसम के कारण यहां रेस्क्यू अभियान चलाना आसान नहीं है।
एक तरफ बचाव दल मुश्किल परिस्थितियों में लापता लोगों की तलाश में जुटा है, तो दूसरी तरफ लखनऊ में वर्तिका और दीपिका का परिवार उनकी सलामती की दुआ कर रहा है। दिवाली से पहले घर में जिन बेटियों के आने का इंतजार होना चाहिए था, उनके लिए अब पूरा परिवार उत्तराखंड से आने वाली खबरों पर टकटकी लगाए बैठा है।
रिपोर्ट : इशांक दीक्षित