Ram Govind Chaudhary Passes Away: उत्तर प्रदेश की राजनीति से दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके रामगोविंद चौधरी का निधन हो गया है। उन्होंने 74 वर्ष की उम्र में लखनऊ के संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से समाजवादी पार्टी समेत राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
रामगोविंद चौधरी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। लखनऊ के SGPGI में उनका इलाज जारी था। इलाज के दौरान शुक्रवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद पार्टी नेताओं और समर्थकों ने शोक व्यक्त किया।
रामगोविंद चौधरी उत्तर प्रदेश की समाजवादी राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। वह 2017 से 2022 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट से उन्होंने कई बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकारों में मंत्री के तौर पर भी जिम्मेदारियां संभालीं। उनका राजनीतिक सफर 1970 के दशक से शुरू हुआ था और वह लंबे समय तक समाजवादी आंदोलन से जुड़े रहे।
रामगोविंद चौधरी को समाजवादी पार्टी के पुराने और मुखर नेताओं में गिना जाता था। पार्टी के भीतर और विधानसभा में वह विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने के लिए जाने जाते थे। उनके निधन को समाजवादी राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति के तौर पर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राम गोविंद चौधरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी राम गोविंद चौधरी के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे रामगोविंद चौधरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान और संघर्ष सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।