सीएम योगी ने यूपी पुलिस के 912 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र सोर्स- नवभारत लाइव
लखनऊ

अब विज्ञापन से तैनाती तक सिफारिश की जरूरत नहीं...पुलिस भर्ती के 912 चयनितों को CM योगी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

UP Police Clerk Recruitment 2023: सीएम योगी ने यूपी पुलिस के 912 चयनितों को नियुक्ति पत्र बांटे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश को कर्फ्यू मुक्त बताया।

राजेश कुमार मिश्र, अमन मौर्या

CM Yogi UP Police Appointment Letters: मुख्यमंत्री योगी रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस का हिस्सा बनने पर बधाई दी।

पारदर्शी चयन शासन के प्रति विश्वास का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से होता है तो यह केवल उसके परिवार के लिए उपलब्धि नहीं होती, बल्कि शासन के प्रति आम आदमी के विश्वास का भी प्रतीक बनता है।

2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों के कारण नौजवानों में निराशा और हताशा थी। भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था कि पारदर्शिता और शुचिता की कल्पना नहीं की जा सकती थी।

नियुक्ति से तैनाती तक सिफारिश की जरूरत नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए गए। पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया।

उन्होंने कहा कि अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और जिलों में तैनाती तक किसी अभ्यर्थी को सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

सीएम योगी ने यूपी पुलिस के 912 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र

साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को मिली नियुक्ति

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों का परिणाम है कि साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश शासन में सेवा का अवसर मिला है। भर्ती की कई प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यूपी बीमारू राज्य की स्थिति से उभरा है और आज देश के उन राज्यों में है, जो खुद को रेवेन्यू सरप्लस कह सकते हैं।

दंगा और कर्फ्यू वाले यूपी की बदली पहचान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रदेश से बाहर अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। यूपी में अवसर नहीं थे। हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था। बरेली, अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत अलग-अलग हिस्सों में दंगों की स्थिति रहती थी, लेकिन अब उपद्रवग्रस्त प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला गया है।

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की छवि कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में बनी है। कुंभ और महाकुंभ से लेकर पर्व-त्योहार, वीवीआईपी दौरे और स्थानीय आयोजन सकुशल संपन्न हो रहे हैं। इस बदलाव में यूपी पुलिस की बड़ी भूमिका है।

सीएम योगी ने यूपी पुलिस के 912 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र

अब देश में होती है यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले मध्य और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों और कस्बों में जिन परिवारों के पास क्षमता थी, वे अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर रिश्तेदारों या हॉस्टल में रखते थे। जिनके पास साधन नहीं थे, वे बेटियों को घर बैठाने को मजबूर थे।

उन्होंने कहा कि आज कोई राह चलती बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले को मालूम है कि उसका अंजाम क्या होगा। यूपी के प्रति बदले नजरिए में यूपी पुलिस का बड़ा योगदान है। आज देश में यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है।

पेपर लीक करने वालों के लिए बनाया कठोर कानून

उन्होंने कहा कि पेपर लीक कराने या भर्ती से जुड़े अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसा कानून बनाया गया, जिसमें आजीवन कारावास की सजा और पूरी संपत्ति जब्त करने तक का प्रावधान है। भर्ती की प्रक्रियाओं को दुरुस्त कर पुलिस में खाली पदों को भरने का काम आगे बढ़ाया गया। सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया।

सीएम योगी ने यूपी पुलिस के 912 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र

छह हजार से बढ़कर 60 हजार हुई प्रशिक्षण क्षमता

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में छह हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की भी क्षमता नहीं थी। आज यूपी पुलिस 60 हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की क्षमता अर्जित कर चुकी है।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदेश में पहले 10 हजार महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थीं। अब यह संख्या 44 हजार से अधिक हो चुकी है। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी।

फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट से साइबर थानों तक बढ़ी ताकत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ उसकी स्किलिंग पर भी ध्यान दिया गया। उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। इसके लिए एयरपोर्ट के पास पुलिस की 110 एकड़ भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया। हर रेंज में फॉरेंसिक लैब उपलब्ध है। हर जिले में साइबर थाने और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।

सीएम योगी ने यूपी पुलिस के 912 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र

56 जिलों में पुलिस की हाईराइज बैरक

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए केवल प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। पुलिसकर्मियों को उसी स्तर की सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराने होंगे। सरकार ने पुलिस लाइन, बैरक और आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया है। प्रदेश के 56 जिलों में सबसे ऊंची इमारत पुलिस बैरक या पुलिस की आवासीय सुविधा की है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है।

912 नियुक्तियां, 912 परिवारों के लिए भी प्रेरणा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शासन नवचयनित पुलिसकर्मियों से आम आदमी की समस्याओं के समाधान में उसी संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है, जिस संवेदनशीलता के साथ सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। ये नियुक्ति पत्र केवल 912 व्यक्तियों को नहीं मिल रहे, बल्कि 912 परिवारों और उनसे जुड़े समाज के लोगों के लिए भी प्रेरणा बनने जा रहे हैं।

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