प्रयागराज में ताजिये के रास्ते पर बवाल: पुलिस पर पथराव, महिला दरोगा समेत 6 पुलिसकर्मी घायल

Prayagraj Muharram Clash: प्रयागराज के आनापुर गांव में ताजिये के रास्ते को लेकर विवाद हिंसक हो गया। पुलिस पर पथराव में महिला दरोगा समेत 6पुलिसकर्मी घायल हुए। 21 लोगों पर FIR दर्ज और 12 गिरफ्तार हुए।
Violence Over Muharram Tazia Route in Prayagraj, Six Policemen Injured in Stone Pelting
12 गिरफ्तार आरोपी (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Prayagraj Tazia Procession Route Dispute: गंगानगर जोन के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित आनापुर गांव में ताजिये के पारंपरिक रास्ते को लेकर शनिवार देर रात बड़ा बवाल हो गया। रास्ते में रखी सीढ़ियों को हटाने के विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और पुलिस टीम पर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए गए।

इस हमले में महिला उपनिरीक्षक सोनम कुमारी, चौकी प्रभारी आकाश सचान समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए तीन थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। करीब तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद हालात सामान्य किए जा सके।

ताजिया उठाने से पहले रास्ते में रखी सीढ़ियों को हटाने को लेकर हुआ बवाल

पुलिस के अनुसार, गांव निवासी ताजियादार सलीम बाबा ताजिया उठाने से पहले रास्ते में रखी सीढ़ियों को हटाने की मांग पर अड़े थे। पुलिस ने कई दौर की बातचीत कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसी दौरान देर रात अचानक पुलिस टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया, जिससे पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में हालात पर काबू पाया गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

12 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

घटना के संबंध में पुलिस ने 21 लोगों को नामजद करते हुए कई अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब तक 12 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपित सलीम बाबा फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

घटना के बाद पुलिस की रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पहले से तनाव की स्थिति थी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात था, तब घटनास्थल के पास निर्माणाधीन मकान में रखी ईंटों को हटाने जैसी एहतियाती कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यही ईंटें बाद में हमलावरों के लिए हथियार बन गईं।

गंगानगर के डीसीपी कुलदीप सिंह ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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