Missing Boy Kanpur Dehat Before Raksha Bandhan: रक्षाबंधन का त्योहार करीब है, बाजारों में राखियां सजी हैं, बहनें अपने भाइयों की कलाई सजाने की तैयारियों में जुटी हैं, लेकिन कानपुर देहात की एक बहन ऐसी भी है जो आंखों में आंसू लिए पिछले 15 महीने से अपने लापता भाई के सकुशल वापस लौटने का इंतजार कर रही है।
रूरा थाना क्षेत्र के जगनपुर गांव निवासी गुड्डी का 14 वर्षीय छोटा भाई सुमित करीब 15 महीने पहले अप्रैल 2025 में अचानक लापता हो गया था। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, गुमशुदगी भी दर्ज हुई, लेकिन डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी सुमित का कोई सुराग नहीं मिल सका।
गुड्डी बताती है कि उसने अपने छोटे भाई की कलाई पर करीब 13 साल तक राखी बांधी, लेकिन पिछले दो रक्षाबंधन के त्योहारों से वह अपने भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध पा रही है। रक्षाबंधन नजदीक आते ही भाई की याद उसे और बेचैन कर रही है।
गुड्डी की आंखों में आंसू हैं और दिल में बस एक ही सवाल—आखिर मेरा भाई कहां है?
गुड्डी के पिता अरुण मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में तीन भाई और एक बहन हैं। सुमित तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। परिवार का आरोप है कि सुमित के लापता होने के पीछे परिवार के एक चाचा का हाथ हो सकता है। साथ ही गुड्डी ने उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के भी आरोप चाचा पर लगाए हैं।
गुड्डी का कहना है कि सुमित की तलाश के लिए वे पिछले 15 महीनों में कई बार थाने, डीएम कार्यालय और करीब सात बार एसपी कार्यालय के चक्कर लगा चुकी हैं। उनका आरोप है कि उन्हें कई बार अधिकारियों से मिलने का मौका तक नहीं मिला और थाने से वापस भेज दिया गया।
रक्षाबंधन से ठीक पहले गुड्डी अपने बड़े भाई के साथ एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुंची। उम्मीद थी कि शायद इस बार उसकी फरियाद सुनी जाएगी और उसके भाई की तलाश तेज होगी।
एसपी कार्यालय में खड़ी गुड्डी की आंखों से छलकते आंसू उसकी पूरी कहानी बयां कर रहे थे। वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। उसके मन में बस एक सपना था किसी तरह उसका छोटा भाई सुमित वापस घर लौट आए और वह इस रक्षाबंधन पर उसकी कलाई पर फिर से राखी बांध सके।
जिस भाई की कलाई पर हर साल राखी बांधकर बहन उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगती थी, आज उसी भाई का कोई पता नहीं है। परिवार के लिए हर गुजरता दिन उम्मीद और चिंता के बीच बीत रहा है।
मां-बाप की आंखों में बेटे की तलाश की थकान जरूर है, लेकिन बहन गुड्डी ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। वह आज भी मानती है कि उसका उसके पास आ जाये और एक दिन अचानक घर के दरवाजे पर खड़ा हो।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने रूरा थाना पुलिस को किशोर की तलाश तेज करने और कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
अब परिवार को उम्मीद है कि पुलिस की सक्रियता से 15 महीने से लापता सुमित का कोई सुराग मिल सकेगा और रक्षाबंधन के इस त्योहार पर भी की सूनी कलाई फिर बहन की राखी से सज सकेगी।
सवाल सिर्फ एक है- रक्षाबंधन से पहले बहन की आंखों में छलक रहे इन आंसुओं का इंतजार कब खत्म होगा और 15 महीने से लापता सुमित आखिर कब अपने घर लौटेगा?