हिप्पोपोटेमस सतीश (सोर्स- फोटो नवभारत) 
कानपुर

कानपुर जू का हिप्पो 'सतीश' जाएगा इंदौर, 20 हजार लीटर पानी के साथ तय करेगा 700 किमी का सफर

Kanpur Zoological Park: कानपुर प्राणी उद्यान का दरियाई घोड़ा सतीश एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। उसकी 700 किलोमीटर की यात्रा के दौरान 20 हजार लीटर पानी खर्च होगा।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Kanpur Satish The Hippo Sent To Indore: यूपी का कानपुर प्राणी उद्यान जंगली जानवरों, पशु पक्षियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। कानपुर प्राणी उद्यान की शान दरियाई घोड़ा (हिप्पोपोटेमस) सतीश बीते कई दशकों से आने वाले दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन अब सतीश एक यादगार यात्रा के साथ अपने नए घर जाने वाला है। जैसे ही दिन तय होगा तो सतीश रवाना हो जाएगा। एनिमल एक्सचेंज में कई जानवर आते जाते रहते हैं। लेकिन सतीश की यात्रा कुछ खास होने वाली है।

सतीश 700 किलोमीटर लंबी यात्रा नहाते हुए पूरी करेगा। जिसमें 20 हजार लीटर पानी खर्च होगा। वहीं कानपुर प्राणी उद्यान में शेरों के कुनबे में बीते आठ साल से कोई की नया मेहमान नहीं जन्मा है। शेरों का कुनबा बढ़ाने के लिए जू प्रशासन ने इंदौर से शेरनी लाने की तैयारी की है। जिसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

विशेष पिंजड़े का इंतजाम

कानपुर से हिप्पोपोटेमस सतीश को इंदौर भेजा जाएगा। एनिमल एक्सचेंज की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इंदौर जू प्रशासन सतीश के लिए विशेष पिंजड़ा बनवा रहा है। जिसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई के हिसाब से 8 बाई, 5 बाई फिट का है। पिंजड़े के अंदर उठने बैठने की पर्याप्त जगह होगी। ज्यादा बड़ा पिंजड़ा होने पर जानवरों के घायल होने का खतरा रहता है।

शरीर नम रखने के लिए पानी बौछार की जाएगी

दरियाई घोड़ा उभयचर प्रजाति का प्राणी होता है। यह पानी और जमीन दोनों जगह रहता है। जबकि 80 फीसदी समय पानी में व्यक्तित करता है। इसी वजह से चिड़ियाघर प्रशासन ने एनिमल एक्सचेंज परिवहन के लिए बारिश का मौसम चुना है। हिप्पो का शरीर नम रखने के लिए ट्रक पर पानी के विशेष कार्यक्रम इंतजाम किए गए हैं। ट्रक में 100-100 लीटर क्षमता के टैंक रखे होंगे। स्प्रे के जरिए पानी की लगातार बौछार की जाएगी।

वाहन की गति निर्धारित है

इसके साथ ही बीच-बीच में हिप्पो पर बाल्टी से भी पानी डाला जाएगा। कानपुर से इंदौर तक की यात्रा में सतीश लभभग 20 हजार लीटर पानी से नहाते हुए जाएगा। इंदौर से शेरनी लाने और कानपुर से हिप्पो को ले जाने वाले वाहन के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी ने अधिकतम गति सीमा तय कर रखी है। 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक से ट्रक नहीं जाएगा।

कानपुर का बब्बर शेर शंकर इकलौता नर है

हिप्पो के बदले में इंदौर चिड़ियाघर शेरनी वीरा को कानपुर को देगा। वीरा की उम्र अभी तीन वर्ष है। एशियाई प्रजाति की वीरा का जन्म इंदौर चिड़ियाघर में हुआ था। वीरा के साथ कानपुर के बब्बर शेर शंकर के साथ जोड़ी बनेगी। कानपुर जू में बब्बर शेर शंकर इकलौता नर है। जबकि बहन नंदनी और उसकी मां उमा शेरनी हैं। कुछ समय पहले परिवार के मुखिया बब्बर शेर अजय की मौत हो चुकी है।

हिप्पो स्किन पर असर पड़ता है

रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर को फिरोज खान का कहना है कि हिप्पो अधिकतर समय पानी में रहता है। ज्यादा समय तक बिना पानी के रहेगा तो उसकी स्किन फटने लगती है। इसलिए इंदौर जाते समय उस पर पानी की बौछार की जाएगी। पानी की व्यवस्था की गई है। सफर लंबा है इस लिए 100-100 किलोमीटर पर स्टॉपेज रहेगी। इंदौर जू प्रशासन ने भी इसकी तैयारी की है। कानपुर जू में पांच हिप्पो हैं। लेकिन सतीश के जाने के बाद चार बचेंगे।

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