चोरों के मुताबिक- बड़ी गाड़ी देखकर कोई रोकता नहीं
इसलिए चोरी के लिए करते थे बड़ी लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल
पकड़े गए सभी सातों शातिर चोरों के विरुद्ध आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे पंजीकृत
Kanpur Inter-district Thieves Arrested: कानपुर कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन की पुलिस को आईपीएस कासिम आबिदी के नेतृत्व में बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने सात अंतर्जनपदीय शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से चोरी का माल बरामद किया गया है। पकड़े गए शातिर चोर जान की बाजी लगाकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। ये शातिर चोर चोरी करने के लिए बिजली आते हुए भी डरते नहीं थे और खंभे पर चढ़ने के बाद चलते ट्रांसफार्मर से तार और तेल चोरी की घटना को अंजाम देते थे। इन शातिर चोरों ने अब तक कई घटनाओं को अंजाम दिया है।
डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी ने बताया कि ये शातिर चोर चलते ट्रांसफार्मर से तेल और तार चुराने में माहिर हैं। ये खंभे पर चढ़कर डंडे के माध्यम से जोर लगाकर ट्रांसफार्मर को नीचे पलटा देते थे। नीचे गिरते ही ट्रांसफार्मर में से लाइट का कनेक्शन टूट जाता था और करंट ऊपर हवा में रह जाता था। नीचे गिरे ट्रांसफार्मर में से ये शातिर चोर ट्रांसफार्मर का तेल और उसमें लगे तार को चोरी कर लेते थे। उनके गैंग में कबाड़ी रंजीत श्रीवास्तव भी शामिल था जो खुद भी चोरी की घटना को अंजाम देता था और चोरी किए गए माल को खरीद भी लेता था। रंजीत श्रीवास्तव की ही स्कॉर्पियो एन गाड़ी से यह शातिर चोर चलते थे और इसी गाड़ी से चोरी की घटना को अंजाम देते थे।
दो दिन पहले इन्होंने कालपी में रेकी कर घटना को अंजाम देने की कोशिश की लेकिन वहां पर घटना को अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद ये कानपुर वापस लौटे जहां पश्चिमी जोन की पुलिस टीम ने इनको गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी सातों शातिर चोरों के खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे पंजीकृत हैं।
इनका सरगना पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी का रहने वाला गौतम राजपूत उर्फ थापा है और दूसरा आलोक पाण्डेय है। पुलिस ने उनके पास से 68 हजार रुपए नगद, 164 किलो एल्यूमीनियम तार, 98 किलो कॉपर वाइंडिंग, तीन ट्रांसफार्मर क्वाइल और एक काले रंग की स्कॉर्पियो एन गाड़ी बरामद की है। वही गैंग को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी ने 25 हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया है।
चोरी करने के लिए यह शातिर चोर लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। यह लग्जरी गाड़ी इस गैंग में शामिल कबाड़ी और खुद चोरी करने वाले रंजीत श्रीवास्तव की थी। कानपुर पुलिस ने मुताबिक यह लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल इसलिए करते थे ताकि किसी किसी को शक ना हो।
वहीं चोरों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी गाड़ी देखकर कोई रोकता नहीं है इसलिए बड़ी लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल चोरी के लिए करते थे और चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद इसी गाड़ी में सामान रखकर फरार हो जाते थे। पकड़े गए शातिर चोर गौतम राजपूत उर्फ थापा, आलोक पांडे, रंजीत श्रीवास्तव, उमेश गुप्ता, चंदन, देवांश दुबे और आदित्य मिश्रा हैं।