Kanpur Hookah Bar Ban: 29 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश में हुक्का बार संचालन,सार्वजनिक स्थानों पर हुक्के की सर्विस और सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का पीने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया।हुक्का बार को पूरी तरह से अवैध और प्रतिबंधित करार देते हुए डीजीपी को कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह कहा कि स्मोकिंग जोन में भी हुक्का सेवा नहीं दी जा सकती।यह कोटपा अधिनियम का उल्लंघन है। अदालत ने कहा की जो धूम्रपान नहीं करते उनको सार्वजनिक स्थान पर साफ हवा में सांस लेने का मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि हुक्के में फ्लेवर डालना और आग लगाकर हुक्के को बनाना भी अपराध है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एक्शन मोड में दिखी। अभियान चलाकर अवैध रूप से संचालित हो रहे हो हुक्काबारों पर छापेमारी की गई। पूर्वी जोन में डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ,पश्चिमी जोन में डीसीपी कासिम आबिदी, सेंट्रल जोन में डीसीपी अतुल कुमार श्रीवास्तव और दक्षिण जोन में डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी के नेतृत्व में हुक्काबार पर छापेमारी की गई और हुक्का बार संचालित मिलने पर कानूनी कार्रवाई की गई। इस पूरे अभियान का नेतृत्व जेसीपी डॉक्टर विपिन टाडा कर रहे हैं।
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अभियान चलाकर शहर के 265 हुक्का बार चेक किए, अलग-अलग थाना क्षेत्र में पांच मुकदमे पंजीकृत कर 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जेसीपी डॉक्टर विपिन टाडा ने जानकारी दी कि पूर्वी जोन में 65 हुक्का बार चेक किए गए जिनमें से चकेरी थाने में एक मुकदमा पंजीकृत हुआ और चार गिरफ्तार हुए, दक्षिण जोन में 79 हुक्काबार चेक किए गए जिनमें थाना हनुमंत विहार में एक मुकदमा पंजीकृत कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सेंट्रल जोन में 55 हुक्का बार चेक किए गए जिनमें थाना कोहना में एक और थाना स्वरूप नगर में एक मुकदमा दर्ज कर कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया, पश्चिमी जोन में 66 हुक्का बार चेक किए गए जिनमें थाना पनकी में एक मुकदमा दर्ज कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। शहर में कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है यह अभियान लगातार सात दिन तक चलाया जाएगा।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद पुलिस एक्शन मोड में तो दिख रही है लेकिन पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब पुलिस को ही देना है क्योंकि उत्तर प्रदेश में होटल रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थान पर हुक्का पिलाने और हुक्का बार के संचालक पर शुरुआत में कोविड महामारी के दौरान 27 अगस्त 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगाई गई थी।
हाई कोर्ट की रोक के बावजूद भी 6 साल से यह हुक्का बार कैसे संचालित हो रहे थे क्योंकि पुलिस ने ही अपने द्वारा जारी प्रेस नोट में यह कहा कि अभियान चलाकर 265 हुक्का बार चेक किए गए हैं अब ऐसे में जब हुक्का बार चेक किया जा रहे हैं तो आखिर शहर में यह संचालित हो ही कैसे रहे थे क्योंकि कोविड महामारी के प्रसार को रोकने के लिए अगस्त 2020 में न्यायालय के निर्देश के बाद रोक लगा दी गई थी।
पुलिस ने इन 6 सालों में इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया नवभारत लाइव ने पुलिस के ऑपरेशन व्हाइट पाउडर को देखते हुए अपनी खबर में यह पूछा था कि नशे की प्राथमिक पाठशाला यानि अवैध हुक्का बार पर कार्रवाई कब होगी हालांकि देर आए और दुरुस्त आए। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की नाक के नीचे संचालित हो रहे 265 हुक्काबार पर चेकिंग करते हुए पांच मुकदमे दर्ज कर 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।