एलपीजी सप्लाई (सोर्स-सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

मिडिल-ईस्ट वार से यूपी में कमर्शियल LPG की किल्लत, बंद होने के कगार पर होटल-रेस्टोरेंट, क्या कह रहे दुकानदार?

LPG Shortage India: भारत में एलपीजी का 80% से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्वपूर्ण मार्ग से आता है जहां ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।

अर्पित शुक्ला

LPG Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी और ईंधन की आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 जारी किया है। इस आदेश के तहत गैस के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित किया जाएगा, ताकि जरूरी क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

इस बीच पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण उत्तर प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में राज्य के कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में आ सकते हैं।

क्या कह रहे होटल मालिक?

लखनऊ के एक रेस्टोरेंट मालिक ने बताया कि अगर आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो अगले दो-तीन दिनों में हालात क्या होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि एक रेस्टोरेंट में आमतौर पर रोजाना दो से तीन एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं और त्योहारों के मौसम में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है। अगर स्थिति ऐसी ही रही तो कुछ लोग अपने किचन को चलाने के लिए डीजल या कोयले का सहारा लेने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन हर तरह का खाना इस तरीके से बनाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर रेस्टोरेंट कारोबार के लिए बेहद जरूरी हैं। वहीं वाराणसी के होटल मालिकों का कहना है कि उनके पास सीमित मात्रा में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हैं, जो कुछ ही दिनों में खत्म हो सकते हैं। उनका कहना है कि अगर नए सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हुई तो रेस्टोरेंट मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और कुछ को अस्थायी रूप से अपना कारोबार बंद भी करना पड़ सकता है।

क्यों हो रही है किल्लत?

दरअसल भारत में एलपीजी की अधिकांश मांग आयात के जरिए पूरी होती है और इस आयात का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। इस क्षेत्र में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरें हैं, जिससे आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। लखनऊ के एक एलपीजी वितरक के अनुसार सबसे बड़ी चिंता आपूर्ति में बदलाव को लेकर अनिश्चितता है। उनका कहना है कि असली समस्या तब पैदा होगी जब मौजूदा स्टॉक खत्म हो जाएगा, क्योंकि अभी तक अधिकारियों की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि स्थिति कब सामान्य होगी। कुछ वितरकों का यह भी मानना है कि बड़े व्यापारियों द्वारा संभावित कमी के डर से सिलेंडरों का स्टॉक करने से भी संकट बढ़ सकता है।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी

उत्तर प्रदेश एलपीजी वितरक संघ के पूर्व अध्यक्ष डीपी सिंह ने कहा कि फिलहाल असली चिंता व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए है। उनके मुताबिक वितरक अपने सीमित स्टॉक से पंजीकृत ग्राहकों को सिलेंडर दे रहे हैं, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर फिलहाल वितरकों को नहीं मिल रहे हैं, जिससे उन व्यवसायों को दिक्कत हो सकती है जो इन पर निर्भर हैं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों और अन्य आवश्यक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति जारी रखी जा रही है।

सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी कहा कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति को घरों के लिए प्राथमिकता दी गई है। नए आदेश के तहत घरेलू पीएनजी, सीएनजी, उर्वरक उद्योग और अन्य जरूरी क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति पहले सुनिश्चित की जाएगी।

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