ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (सोर्स सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

Cow Conservation Campaign: गोमाता के लिए कानून की मांग, मुजफ्फरनगर में अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान

Gau Mata Protection: ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के दौरान गौ संरक्षण के मुद्दे पर समर्थन जुटाने की अपील कर रहे है।

वंदना शर्मा

Goraksharth Dharma Yuddh Yatra: ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा की शुरुआत करते हुए गोमाता की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून बनाए जाने की मांग उठाई। यात्रा के दौरान वे विभिन्न जिलों में लोगों से संवाद कर रहे हैं और गौ संरक्षण के मुद्दे पर समर्थन जुटाने की अपील कर रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने क्या कहा

यात्रा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत में गौ संरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर सत्ता तक पहुंचाती रही है, लेकिन गोमाता की सुरक्षा के लिए व्यापक और प्रभावी कानूनी व्यवस्था अभी तक नहीं बन पाई है। उनके अनुसार, यह विषय केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाना नहीं है।

राजनीतिक एजेंडे से प्रभावित नही है

यह अभियान गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस मुद्दे पर एकजुट करने के लिए चलाया जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा कि उनकी मांग केवल इतनी है कि गोमाता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और इस विषय को गंभीरता से लिया जाए। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी यह यात्रा किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रभावित होकर नही की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा का समाजवादी पार्टी ने समर्थन नहीं किया है।

राजनीतिक रंग देने की कोशिशें

लेकिन पार्टी से जुड़े कुछ हिंदू सदस्य और गौमाता के भक्तों ने अपनी आस्था और नैतिक मूल्यों के कारण इस यात्रा में भाग ले रहे हैं। आपको यह भी बता दें, कि इस बयान को ऐसे समय में सामने लाया गया है, जब धार्मिक आंदोलनों को राजनीतिक रंग देने की कोशिशें की जाती रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गोमाता की रक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरणीय संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

सांस्कृतिक चेतना को भी जगाने का प्रयास

उन्होंने सभी हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी आस्था को बनाए रखते हुए इस मिशन में शामिल हों और गोमाता की सुरक्षा के लिए एकजुट हों। चंपत राय ने भी कहा था कि इसमें असामान्य कुछ भी नहीं है। उन्होंने इसे एक गंभीर विसंगति बताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी घटनाओं को सामान्य मान लिया गया।

आपको बता दें, कि यह यात्रा आने वाले दिनों में और भी जिलों में पहुंचेगी, जहां वे लोगों से गो संरक्षण कानून के समर्थन में आवाज उठाने की अपील करेंगे। उनकी यह पहल न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी जगाने का प्रयास कर रही है।

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