पीड़ित परिवार (सोर्स- फोटो नवभारत) 
गोरखपुर

'रक्षक या भक्षक': गोरखपुर में पुलिस पर बर्बरता के आरोप, अधिकारियों ने मांगी रिपोर्ट

Gorakhpur Police News: गोरखपुर के तिवारीपुर और पिपराइच थाना क्षेत्रों में पुलिस पर दो अलग-अलग मामलों में मारपीट और बर्बरता के आरोप लगे हैं। इन घटनाओं ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

स्निग्धा श्रीवास्तव

Allegations Of Assault By Gorakhpur Police: साइबर के मामले हों या लॉ एंड ऑर्डर, गोरखपुर पुलिस की सक्रियता पर अक्सर सवाल नहीं उठते। लेकिन अब सवाल पुलिस की कार्यशैली और आमजन के साथ कथित बर्बरता पर उठने लगे हैं। गोरखपुर जनपद के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की एक जैसी सख्ती और मारपीट के आरोप सामने आए हैं। तिवारीपुर और पिपराइच थाना क्षेत्र की इन घटनाओं ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहला मामला तिवारीपुर थाना क्षेत्र का

पहला मामला तिवारीपुर थाना क्षेत्र का है। यहां एक जमीन विवाद में दूसरे पक्ष की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने एक युवक को सरकारी पत्थर हटाते समय मौके से पकड़ लिया। आरोप है कि युवक को पुलिस ने मारपीट कर जबरन गाड़ी में बैठाया और थाने ले जाकर भी उसकी पिटाई की। परिजनों का कहना है कि युवक के शरीर के पिछले हिस्से में ऊपर से नीचे तक चोटों के निशान हैं।

उन्होंने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि तिवारीपुर की घटना की जांच सीओ कोतवाली कर रहे हैं और जांच रिपोर्ट मिलते ही संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

दूसरा मामला पिपराइच थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव का

दूसरी घटना पिपराइच थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव की है। यहां आधी रात को एक घर में खाना खाते समय साले और बहनोई के बीच विवाद हो गया। मारपीट की नौबत आई तो साले ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुला ली। पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों को समझाकर थोड़ी देर बाद लौट गई। बताया जाता है कि दोनों युवक नशे में थे, इसलिए कुछ ही देर बाद फिर भिड़ गए। इस बार बहनोई ने दोबारा 112 पर फोन किया। पुलिस फिर मौके पर पहुंची और दोनों को गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई।

मेडिकल कॉलेज चल रहा घायल युवक का इलाज

आरोप है कि थाने में एक युवक की इतनी पिटाई की गई कि वह सुबह तक बेहोश था। परिजन उसे पहले सीएससी और फिर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। युवक का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस मामले की जानकारी भी पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचाई गई है।

एक ही दिन में सामने आईं इन दो घटनाओं ने गोरखपुर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस अगर खुद ही बर्बरता के आरोपों में घिर जाए, तो आमजन का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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