चार नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
पोस्टर-बैनर से सजा शहर
कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप
Gorakhpur in Nitin Navin: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच भाजपा ने पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन चार नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर पहुंचेंगे।
उनका यह दो दिवसीय दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पूर्वांचल में संगठन की सक्रियता और जनसंपर्क की तैयारियों को भी परखा जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होंगे।
नितिन नवीन के आगमन को लेकर गोरखपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तैयारियां तेज हैं। शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और कार्यक्रम स्थल के आसपास पार्टी के पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाए गए हैं। कई स्थानों पर स्वागत संदेशों के साथ भाजपा के झंडे भी नजर आने लगे हैं।
शहर का राजनीतिक माहौल राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों से रंगा दिखाई दे रहा है। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पार्टी पदाधिकारी लगातार सक्रिय हैं।
चार नवंबर को महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। यहां से निकलने वाली पदयात्रा कचहरी चौराहा और गोलघर होते हुए काली मंदिर स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा तक पहुंचेगी। इसमें पार्टी के जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की तैयारी है।
राजनीतिक नजरिये से देखें तो गोरखपुर का चयन भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद होने के साथ ही गोरखपुर पूर्वांचल की राजनीति का प्रमुख केंद्र है। यहां से राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में होने वाला कार्यक्रम आसपास के जिलों के संगठन को भी एक मंच पर लाने का अवसर बनेगा।
नितिन नवीन का प्रवास पदयात्रा के बाद भी जारी रहेगा। पांच नवंबर को गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ उनका संगठनात्मक संवाद का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सांगठनिक जिलों के पदाधिकारियों के साथ बैठकें होंगी। ऐसे में उनके दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में संगठन की तैयारियों और आपसी समन्वय के लिहाज से भी देखा जा रहा है।