Highlights:
‘मतगणना में धांधली न हो, यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी’
चुनाव पर्यवेक्षक को लेकर भी उठाए सवाल
पहले भी सामने आया था देवेंद्र प्रताप सिंह का पत्र
27 अक्टूबर की काउंटिंग से पहले विधायक के पत्र ने बढ़ाई चर्चा
BJP Rebel MLA Letter Before MLC Election Counting: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से पहले भाजपा के बागी विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह का एक और पत्र सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस खुले पत्र में उन्होंने मतगणना कर्मियों को संबोधित करते हुए चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की है। पत्र में उन्होंने मतगणना की शुचिता को लोकतंत्र में जनता के विश्वास से जोड़ते हुए कर्मचारियों को उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी याद दिलाई है।
खास बात यह है कि इससे पहले भी देवेंद्र प्रताप सिंह का एक पत्र सामने आया था, जिसमें उन्होंने शिक्षक मतदाताओं से अन्याय के खिलाफ वोट देने की अपील की थी। अब मतगणना से ठीक पहले नया पत्र सामने आने के बाद शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल पत्र में देवेंद्र प्रताप सिंह ने लिखा है कि मतगणना की पारदर्शिता और शुचिता से लोकतंत्र के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने मतगणना कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे एक बड़े परिवार का हिस्सा हैं और जनता के किसी भी वर्ग के साथ अन्याय होने पर वह लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ते रहे हैं।
पत्र में उन्होंने छात्र आयुष मिश्रा के मामले, अधिवक्ता मधुतिया की हत्या और दलित सिपाही के साथ कथित अन्याय का जिक्र करते हुए खुद को अन्याय के खिलाफ लड़ने वाला जनप्रतिनिधि बताया है। उन्होंने मतगणना कर्मियों से अपील की है कि वे मतगणना की निष्पक्षता बनाए रखें और किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने दें।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने पत्र में यह भी लिखा है कि मतगणना के दौरान कर्मचारियों पर धांधली करने का भारी दबाव हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद चुनाव की शुचिता बनाए रखना उनका धर्म है। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।
वायरल पत्र में देवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव से जुड़े एक अधिकारी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आजमगढ़ के फूलपुर से जुड़े अवैध खनन और रिश्वतखोरी के मामले में चार्जशीट का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि संबंधित अधिकारी के घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। उन्होंने सीबीआई की ओर से चार्जशीट किए गए अधिकारी को चुनाव पर्यवेक्षक बनाए जाने के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए हैं।
शिक्षक एमएलसी चुनाव में देवेंद्र प्रताप सिंह की भूमिका पहले से ही चर्चा में रही है। मतदान से चार दिन पहले भी उनका एक पत्र सामने आया था, जिसमें उन्होंने शिक्षक मतदाताओं से अन्याय के खिलाफ मतदान करने की अपील की थी। इसके बाद चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा विधायक होने के बावजूद उन्हें सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में प्रचार करते हुए देखा गया था।
अब मतगणना से पहले मतगणना कर्मियों के नाम खुले पत्र के सामने आने से चुनाव का सियासी तापमान और बढ़ गया है। 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है और ऐसे मे एक विधायक का इस प्रकार का लेटर आना राजनीतिक महकमा मे चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
रिपोर्ट- अनुराग मिश्रा