लोकबंधु अस्पताल में लगी आग, फोटो - सोशल मीडिया  
उत्तर प्रदेश

लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में लगी भीषण आग, 250 मरीज को रेस्क्यू कर बाहर निकाला, एक की मौत; ऐसे हुई घटना

अग की लपेंटे इतनी भयावह थी कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने तक आग दूसरे वार्ड में भी फैल गई। कोई अपने पापा को बचाने की गुहार लगाता रहा तो वहीं कोई अपने पति को निकालने के लिए मदद मांगती रही।

विकास कुमार उपाध्याय

लखनऊ : सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे आशियाना स्थित सरकारी लोकबंधु अस्पताल में भीषण आग लग गई। आग की शुरुआत दूसरे तल्ले से हुई। सबसे पहले आईसीयू और फीमेल मेडिसिन वार्ड आग की जद में आ गए। बता दें, दोनों वार्डों में लगभग 55 मरीज थे।

आग के विकराल रूप लेने की वजह से वार्ड में चीख पुकार के साथ भगदड़ मच गई। डॉक्टर, स्टाफ और तीमारदारों ने मिलकर अस्पताल से 250 मरीजों को बाहर निकाला। वहीं, अब तक की आई जानकारी के मुताबिक खबर है कि हादसे में एक मरीज की मौत हो गई है।

फिलहाल, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि अस्पताल में चारों तरफ धुआं भर गया। हर तरफ चीख पुकार मची थी। इसी बीच अस्पताल कर्मियों ने बिजली काट दी, जिसकी वजह से हर तरफ अंधेरा फैल गया। इससे मरीजों को बाहर निकालने में काफी दिक्कतों का समना करना पड़ा।

परिजनों को बचाने के लिए गुहार लगाते रहे लोग

अग की लपेंटे इतनी भयावह थी कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने तक आग दूसरे वार्ड में भी फैल गई। कोई अपने पापा को बचाने की गुहार लगाता रहा तो वहीं कोई अपने पति को निकालने के लिए मदद मांगती रही। अफरातफरी के बीच डॉक्टरों, नर्सों, अस्पतालकर्मियों, केयरटेकर्स और दमकलकर्मियों के साथ स्थानीय पुलिस ने टार्च एवं मोबाइल की रोशनी से मरीजों को बाहर निकालकर जान बचाई।

गेट के बाहर फंसी फायर ब्रिगेड की गाड़ी

अस्पताल के इस भयानक आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी लोकबंधु अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर ही अटक गई थी। क्योंकि, गेट सकरा था। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद भी चालक को सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद छोटी गाड़ियों को दूसरे गेट से भीतर भेजने का काम किया गया। इतने दोर में आग बेकाबू हो चुकी थी।

आगजनी के बाद अस्पताल से निकाले गए 250 मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में किया गया शिफ्ट

आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि आगजनी के बाद अस्पताल से निकाले गए 250 मरीजों को सिविल, बलरामपुर, केजीएमयू, लोहिया व अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। देर रात तक अस्पताल में रेस्क्यू एवं सर्च ऑपरेशन जारी रहा।

वहीं, सिविल अस्पताल में लाए गए हुसैनगंज के छितवापुर निवासी राजकुमार प्रजापति (61) को मृत घोषित कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि लोकबंधु अस्पताल में बिजली कटने के बाद ऑक्सीजन आपूर्ति बंद हो गई, जिससे उसकी जान चली गई है।

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