ईश मोहम्मद की झोपड़ी और उसका लिखा हुआ लेटर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

अपना गला काटकर दे दी कुर्बानी! यूपी के देवरिया से सामने आया हैरतअंगेज मामला,

उत्तर प्रदेश के देवरिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां ऊधोपुर गांव के बरसाती पुत्र ईश मोहम्मद ने बकरीद के दिन खुद का गला रेतकर अपनी कुरबानी दे दी है।

अभिषेक सिंह

देवरिया: यूपी के देवरिया में बरसाती के परिवार में बकरीद की खुशियां मातम में बदल गईं। क्योंकि बरसाती ने खुद की कुर्बानी दे दी। उसने चाकू से अपना गला रेत लिया। घर के बाहर झोपड़ी में करीब एक घंटे तक वह दर्द से तड़पता रहा। परिजनों ने जब उसकी कराह सुनी तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई।

अपना गला काटने से पहले उसने एक पत्र लिखा था। जिसमें लिखा था- एक व्यक्ति बकरे को अपने बेटे की तरह पालने के बाद उसकी कुर्बानी देता है। वह भी जीव है। मैं अल्लाह रसूल के नाम पर अपनी कुर्बानी दे रहा हूं।

यहां जानिए पूरा मामला!

घटना देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के उधोपुर गांव की है। यहां रहने वाले बरसाती (60) पुत्र स्वर्गीय ईस मोहम्मद धार्मिक प्रवृत्ति के थे। परिजनों के मुताबिक वह एक दिन पहले यानी शुक्रवार को अंबेडकर नगर स्थित सुल्तान सैयद मकदूम अशरफ शाह की दरगाह से लौटे थे। झोपड़ी से कराहने की आवाज सुनकर वे वहां पहुंचे तो देखा कि उसके गले से खून बह रहा है।

पत्नी ने बयां की दास्तान

पत्नी हाजरा खातून के अनुसार बरसाती ने सुबह मस्जिद में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज पढ़ी। सुबह 10 बजे जब वह घर लौटा तो सीधे घर के बगल में बनी झोपड़ी में चला गया। एक घंटे बाद उसके कराहने की आवाज सुनाई दी। वे दौड़कर वहां पहुंचे तो देखा कि उसके गले से खून बह रहा था।

पत्नी ने बताया कि झोपड़ी में फर्श पर खून ही खून था। पास में चाकू पड़ा था। यह नजारा देख हाजरा चीख पड़ी। उसने मदद के लिए लोगों को बुलाया। पड़ोसी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ईश मोहम्मद को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान ईश की मौत हो गई।

ईश मोहम्मद ने क्या लिखा?

बकरे को इंसान अपने बेटे की तरह पाल-पोसकर कुर्बान करता है। वह भी एक जीवित प्राणी है। कुर्बानी तो होनी ही चाहिए, मैं अल्लाह के रसूल के नाम पर खुद की कुर्बानी दे रहा हूं। मुझे किसी ने नहीं मारा है। शव को शांति से दफनाना। किसी से डरना नहीं। कब्र उसी स्थान पर होनी चाहिए जहां पर 'खूंटा' है।

पुण्यतिथि विशेष: कभी नहीं जीते आम चुनाव, फिर भी वाजपेयी-मोदी सरकार में बने मंत्री! अरुण जेटली की अनोखी कहानी

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश? ISBT के पास IED और हथियार बरामद, पुलिस ने 3 को पकड़ा

काशी पहुंचे जापान के गवर्नर कोटारो नागासाकी, बोले- ग्रीन हाइड्रोजन से नई ऊंचाई छुएंगे भारत-जापान संबंध

न पीने की पानी... न बैठने की जगह, 89% स्टेशनों का बुरा हाल; CAG रिपोर्ट ने खोली रेलवे के दावों की पोल

भ्रम न फैलाएं...राष्ट्रगान विवाद पर सतीश महाना की सफाई, अनादर के आरोपों को बताया बेबुनियाद