PDA Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले पार्टी के लोग पीडीए को कैसे परिभाषित करते हैं, कभी इनका पी पिछड़ा था, फिर पंडित हो गया। देखना एक दिन ये लोग पी से पाकिस्तान कर देंगे। इनके बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ये कब क्या बोलेंगे, कोई भरोसा नहीं। ये ऐसे गिद्ध हैं कि जिस पेड़ पर चढ़ेंगे, उसको ही सुखा डालेंगे।
सबसे कष्टकारी बात यह थी कि सामान्य शिष्टाचार व संस्कार के तहत मायावती ने आकर बाबूजी को श्रद्धांजलि दी, लेकिन सपा मुखिया ने प्रत्यक्ष आकर श्रद्धांजलि देना तो दूर, शब्दों से भी कुछ व्यक्त नहीं किया। यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण, कितना शर्मनाक है। यह हर उस हिंदू का अपमान था, जिसे लगता है कि बाबूजी का जीवन सनातन मूल्यों और हिंदू गौरव के लिए समर्पित था।
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी दबाव में आकर काम करने वाले व्यक्ति नहीं थे। वह कहा करते थे, कल्याण सिंह टूट सकता है लेकिन झुक नहीं सकता। बाबूजी ने जीवनभर अपने इस वचन को निभाया।
CM योगी ने कहा कि जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा था कि संघर्ष स्वीकार्य है, सत्ता दूर हो जाए यह भी स्वीकार है, लेकिन अपने प्रभु श्रीराम का अपमान स्वीकार्य नहीं। आज जब हम लोग अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण और रामलला का विराजमान होना देखते हैं तो बाबूजी की स्मृति सहसा अंतःकरण में उठती है।
संतों के संघर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन और विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में चले राम जन्मभूमि आंदोलन का कल्याण सिंह जी ने खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सत्ता गंवाई, लेकिन दो-टूक कहा कि रामभक्तों पर गोली नहीं चलेगी।
सीएम योगी ने कहा कि बाबूजी ने मूल्यों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, यही उनकी पहचान थी। सपा नेतृत्व ने सिर्फ बाबूजी के निधन के समय अपमान नहीं किया, महापुरुषों का अपमान उसकी आदत है। कन्नौज से समाजवादी पार्टी का रिश्ता रहा है, लेकिन वहां डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने सरकारी मेडिकल कॉलेज से सपा मुखिया ने बाबा साहेब का नाम हटा दिया।
हमारी सरकार में इसे फिर से बाबा साहेब के नाम पर किया गया। मैनपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर एक कॉलेज बना था, लेकिन सपा ने उनका नाम भी मिटा दिया। भाजपा सरकार ने औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया।
सीएम योगी ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन हर उस भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसके लिए देश प्रथम है। भारत के सनातन मूल्य एवं आदर्श सर्वोपरि हैं। आज का दिन हम सभी के लिए हिंदू गौरव दिवस के रूप में श्रद्धेय बाबूजी की स्मृतियों को प्रेरणा के रूप में आत्मसात करने का दिन है।
बड़ा आदमी पद से बड़ा नहीं होता है, वह अपनी सोच से, अपने कर्मों से बड़ा होता है और महान होता है। अतरौली के सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले कल्याण सिंह जी अपनी कर्मठता, मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने की भावना तथा देश के प्रति समर्पण के कारण आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह के निधन के बाद समाजवादी पार्टी के रवैये को लेकर सपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाबूजी भाजपा के नेता थे और सभी के लिए प्रेरणास्रोत थे। उनके निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सारे कार्यक्रम छोड़कर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए और श्रद्धांजलि अर्पित की।
एसजीपीजीआई से लेकर घर तक, घर से अलीगढ़ और अलीगढ़ से नरौरा तक अंतिम संस्कार में वह और उनके कैबिनेट के सभी सदस्य शामिल हुए। लेकिन, सपा मुखिया ने इसमें शामिल होना तो दूर, मुंह से श्रृद्धांजलि के दो शब्द नहीं बोले।