Chandauli MP Political Controversy: सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने क्षेत्र की सियासत में अचानक गर्मी बढ़ा दी है। फेसबुक पर प्यारे लाल यादव की ओर से किए गए एक पोस्ट में सांसद पर तंज कसते हुए लिखा गया कि “चंदौली" एगो सांसद देर से आते थे, जनता ने उन्हें चलता कर दिया।
अब वाले कार्यक्रमों में आते ही नहीं, अपना दर्शन ही दुर्लभ कर दिया…” इस पोस्ट के वायरल होते ही राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मामला उस समय और गरमा गया जब चन्दौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने अपने आधिकारिक फेसबुक आईडी से पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यही कारण है कि 2000 के बाद अब तक समाजवादी पार्टी कभी नहीं जीती।
चन्दौली सांसद की इस एक टिप्पणी के बाद फेसबुक पर सियासी बहस तेज हो गई और समर्थक-विरोधी आमने-सामने आ गए। सपा नेता संजय यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 2000 के बाद वीरेंद्र सिंह भी नहीं जीते थे और समाजवादी पार्टी ने 2009 का लोकसभा चुनाव जीता था।
उन्होंने सांसद की टिप्पणी को लेकर इसे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के संज्ञान में ले जाने की बात कही। वहीं जयगोविंद यादव गोविंद ने सांसद को जवाब देते हुए लिखा कि पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव में मेहनत करते हैं और अपने प्रतिनिधि से सवाल करने का अधिकार भी रखते हैं।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने पूर्व सांसद रामकिशुन यादव का भी जिक्र किया। राजकुमार यादव ने वर्ष 2000 के बाद रामजीत राजभर के विधायक बनने तथा वर्ष 2009 में रामकिशुन यादव के सांसद निर्वाचित होने की बात कही। दिलचस्प यह रहा कि वायरल मूल पोस्ट में किसी सांसद का नाम स्पष्ट तौर पर नहीं लिखा गया है। इसके बावजूद सांसद वीरेंद्र सिंह की टिप्पणी सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया। सोशल मीडिया पर लगातार आ रही प्रतिक्रियाओं के बीच क्षेत्र की सियासत में इस पोस्ट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ता है या नहीं, इस पर भी राजनीतिक लोगों की नजर बनी हुई है।