Basti Honeytrap Gang Arrested: बस्ती जनपद के थाना वाल्टरगंज के पूर्व थानाध्यक्ष स्वर्गीय सूर्य प्रकाश सिंह द्वारा किए गए आत्मघाती कदम के पीछे की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए बस्ती पुलिस ने एक बड़े और शातिर हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट को संचालित करने वाली मुख्य आरोपी महिला, उसके पिता और गिरोह के कानूनी सलाहकार बने वकील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एक अभियान के तहत कोतवाली पुलिस व सर्विलांस टीम ने आज सुबह 07:55 बजे सदर अस्पताल चौराहे के पास से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से अपराध में इस्तेमाल की जाने वाली एक बोलेरो गाड़ी (UP51BN 5805) और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के गहन विश्लेषण से यह पुख्ता हुआ है कि थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह लगातार इस गिरोह के निशाने पर थे। घटना वाले दिन यानी 29 अगस्त को आरोपी वकील विजय प्रकाश ने ही दोपहर 1:41 बजे थानाध्यक्ष को अंतिम कॉल की थी। लगातार दी जा रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार थानाध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फंदा लगा लिया।
पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी (उम्र 32 वर्ष) पिछले 10 सालों से अपने पति से अलग रह रही थी और मुंबई में ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटरों में काम करती थी। वह संपन्न और रसूखदार व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाती थी। ब्लैकमेल करने के लिए महिला वीडियो कॉल पर ही अपने हाथ की नस काटकर खून बहाने का नाटक करती थी, जिससे शिकार भावनात्मक रूप से बुरी तरह डर जाता था।
इस घिनौने खेल में प्रियंका का पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव बराबर के हिस्सेदार थे। कानूनी दांव-पेच से डराने और वसूली की पूरी योजना वकील विजय प्रकाश तैयार करता था।
जांच में अब तक गिरोह द्वारा लाखों रुपये की धन उगाही का ब्यौरा मिला है, जिसमें अपने ही मकान मालिक डॉक्टर उमेश को जाल में फंसाकर ₹4 लाख ऐंठे। ड्राइवर अहमद रजा से ₹5 लाख की उगाही की। मध्य प्रदेश के रहने वाले व्यापारी आर्यन दीक्षित को जाल में फंसाकर ₹15 लाख की बड़ी रकम वसूली। आखिरी शिकार वाल्टरगंज के थाना प्रभारी बने, एसओ सूर्य प्रकाश सिंह को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उन्होंने तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉलिंग पैटर्न के विश्लेषण में सूर्य प्रकाश सिंह का संपर्क प्रियंका और विजय प्रकाश से होने की पुष्टि हुई है। पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन विजय प्रकाश ने दोपहर 1:41 बजे सूर्य प्रकाश सिंह को आखिरी कॉल की थी। पुलिस का कहना है कि हनी ट्रैप और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर ही सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या की।
मामले में मृतक के पुत्र संदीप सिंह की ओर से 5 सितंबर को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली बस्ती में मु0अ0सं0 387/2026, धारा 108 व 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती मंडल संजीव त्यागी का कहना है कि यह तो महज बानगी भर है। इस गिरोह के शिकार बने दर्जनों अन्य लोगों के संबंध में भी जांच तेजी से चल रही है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों का खुलासा हो सकता है।
दरोगा सूर्यप्रकाश के मामले में जो तथ्य सामने आए उस के अनुसार पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही किया है। अभी तक ब्लैक मेलिंग के आरोपों की पुष्टि हुई है जिससे परेशान होकर सूर्यप्रकाश ने आत्महत्या किया। फिलहाल सभी आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है।