समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव व कद्दावर नेता आजम खान (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

'मुलायम की मौत के बाद ही अलविदा कह देना था...' खुदगर्ज बनकर जलील हुआ, क्या सपा छोड़ेंगे आजम खान?

Samajwadi Party के कद्दावर नेता Azam Khan ने जेल से बाहर आते ही राजनीतिक हलचल बढ़ाने वाला बयान दे दिया है। कहा है मुझे मुलायम सिंह की मौत के साथ ही राजनीति छोड़ देनी थी, लेकिन मैं खुदगर्ज हो गया।

सौरभ शर्मा

Azam Khan Latest Statement on Politics: करीब दो साल तक सलाखों के पीछे रहने के बाद जेल से बाहर आए समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। अपने भविष्य के प्लान पर बात करते हुए आजम खान का दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि उन्हें तो सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन के साथ ही राजनीति को अलविदा कह देना चाहिए था, लेकिन वह खुदगर्ज हो गए और इसी खुदगर्जी ने उन्हें बहुत जलील कराया। उनके इस बयान से रामपुर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान ने कहा कि पिछले 10 सालों में रामपुर के हालात बहुत बिगड़ गए। यहां के लोगों के हक की लड़ाई लड़ने और कुछ अधूरे कामों को पूरा करने की खुदगर्जी ने उन्हें राजनीति में बनाए रखा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "कायदे में तो मुलायम सिंह यादव के निधन के साथ ही हमें राजनीति छोड़ देनी चाहिए थी, लेकिन हम खुदगर्ज हो गए। लोगों का दर्द आंखों में था और कुछ काम अधूरे थे, जिन्हें पूरा करने की जिद ने हमें बहुत जलील कराया।"

अब ओखली में सिर दे दिया तो मूसल से क्या डरना

अपने संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर को याद करते हुए आजम खान ने कहा कि अब पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, "अब तो ऐसी स्थिति है कि ओखली में सिर दे दिया है, तो फिर मूसल से क्या डरना।" उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वह तो नवाबों से लड़कर यहां तक आए हैं। उन्होंने रामपुर के नवाबों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हीं की गद्दारी के चलते देश को 1947 तक आजादी नहीं मिल सकी, क्योंकि जब 1857 में आजादी के योद्धा मेरठ से चले तो रामपुर के नवाबों की सेना ने ही उन्हें रोक लिया था।

सपा छोड़ने की अटकलों पर लगाया विराम

आजम खान ने समाजवादी पार्टी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी में जाने की तमाम अटकलों को "बचपने की बातें" कहकर खारिज कर दिया। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ अपने गहरे रिश्ते को याद करते हुए कहा, "मैं तो पहले भी सपा से निकला नहीं था, बल्कि मुझे निकाला गया था। मुलायम सिंह यादव ने मुझे मजबूरी में पार्टी से निकाला था और फिर मोहब्बत में वापस लिया। उनका और मेरा तो रिश्ता ही अलग था।" आजम खान का यह बयान उन कयासों पर विराम लगाता है, जो उनकी रिहाई के बाद से ही लगाए जा रहे थे।

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